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श्रीनगर में शराब के विरोध में एकजुट हुए स्कूली छात्र
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:06 PM IST
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श्रीनगर (ब्यूरो)। शहर में शराबबंदी के पक्ष में स्कूली छात्र एक जुट हो गए हैं। क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने शहर के मुख्य मार्गों पर रैली निकाल शराब का विरोध किया। इस दौरान स्कूली छात्रों ने शराब व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
शुक्रवार को शहर के विभिन्न स्कूली छात्रों ने पौड़ी बस अड्डे से शराब विरोधी रैली शुरू की। रैली का नेतृत्व गोतीर्थाश्रम समिति के सदस्य कर रहे थे। गोतीर्थाश्रम समिति गोशाला के समीप संचालित हो रही शराब की दुकान के विरोध में करीब चार माह से आंदोलित है। रैली के बाद गोलापार्क में आयोजित जनसभा में स्कूली छात्रों ने कहा कि सरकार को नशे के कारोबार के बजाय राज्य में पर्यटन व तीर्थाटन पर ध्यान देना चाहिए। छात्रों ने शराब के विरोध में जम कर प्रदर्शन भी किया। रैली में गोतीर्थाश्रम समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी, पीवी डोभाल, प्रवीण भंडारी, विभोर बहुगुणा, बिड़ला परिसर छात्र संघ सह सचिव कुसुम पांडे, रेशमा आदि शामिल थे।
...........
बोले छात्र
- यहां प्राकृतिक संपदाओं का पर्याप्त भंडार है। सरकार को चाहिए कि वह प्राकृतिक संपदाओं का समुचित उपयोग कर राज्य का विकास करें। नशा राज्य के हित में नहीं है।
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मोनिका, छात्रा
- राज्य में पर्यटन व तीर्थाटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार को केवल नशे के कारोबार में फायदा दिख रहा है। जो कि युवाओं के लिए घातक साबित हो रहा है।
यश भट्ट, छात्र
- नशे के कारोबार में सरकार को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है। इसलिए सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। जबकि उत्तराखंड राज्य प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर है। यहां फिल्म उद्योग, पर्यटन, तीर्थाटन आदि में अपार संभावनाएं हैं।
निशा छात्रा।
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शुक्रवार को शहर के विभिन्न स्कूली छात्रों ने पौड़ी बस अड्डे से शराब विरोधी रैली शुरू की। रैली का नेतृत्व गोतीर्थाश्रम समिति के सदस्य कर रहे थे। गोतीर्थाश्रम समिति गोशाला के समीप संचालित हो रही शराब की दुकान के विरोध में करीब चार माह से आंदोलित है। रैली के बाद गोलापार्क में आयोजित जनसभा में स्कूली छात्रों ने कहा कि सरकार को नशे के कारोबार के बजाय राज्य में पर्यटन व तीर्थाटन पर ध्यान देना चाहिए। छात्रों ने शराब के विरोध में जम कर प्रदर्शन भी किया। रैली में गोतीर्थाश्रम समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी, पीवी डोभाल, प्रवीण भंडारी, विभोर बहुगुणा, बिड़ला परिसर छात्र संघ सह सचिव कुसुम पांडे, रेशमा आदि शामिल थे।
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बोले छात्र
- यहां प्राकृतिक संपदाओं का पर्याप्त भंडार है। सरकार को चाहिए कि वह प्राकृतिक संपदाओं का समुचित उपयोग कर राज्य का विकास करें। नशा राज्य के हित में नहीं है।
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मोनिका, छात्रा
- राज्य में पर्यटन व तीर्थाटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार को केवल नशे के कारोबार में फायदा दिख रहा है। जो कि युवाओं के लिए घातक साबित हो रहा है।
यश भट्ट, छात्र
- नशे के कारोबार में सरकार को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है। इसलिए सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। जबकि उत्तराखंड राज्य प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर है। यहां फिल्म उद्योग, पर्यटन, तीर्थाटन आदि में अपार संभावनाएं हैं।
निशा छात्रा।