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उत्तराखंडः संक्रमित सिरिंज शेयर करने से 15 नशेड़ी बने एचआईवी पॉजिटिव 

Sun, 13 Oct 2019 10:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal कीर्तिराज रुमाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
कीर्तिराज रुमाल, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 13 Oct 2019 10:21 AM IST
सार

  • एचआईवी पॉजिटिव पाए गए इन लोगों का एआरटी सेंटर हल्द्वानी में चलेगा इलाज 

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15 drug addicts become HIV positive by sharing infected syringes in rudrapur
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

शहर में नशे के दौरान संक्रमित सिरिंज को शेयर करने से 15 युवक एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। रुद्रपुर के रंपुरा और खेड़ा क्षेत्र में रहने वाले इन नशेड़ियों को पुलिस की एसओजी टीम और एक संस्था के सदस्यों की ओर से सार्वजनिक क्षेत्रों में नशे के इंजेक्शन लेते हुए पकड़ा था। 

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एसओजी ने करीब एक सप्ताह पूर्व एक निजी संस्था के साथ मिलकर अभियान चलाते हुए रंपुरा और खेड़ा क्षेत्र से 15 युवकों को नशे का इंजेक्शन लगाते हुए पकड़ा था। जिला अस्पताल स्थित ओएसटी सेंटर की जांच में सभी युवक एचआईवी पॉजिटिव निकले हैं। इन युवकों को इलाज के लिए एआरटी सेंटर हल्द्वानी भेजने की तैयारी की जा रही है।
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जांच में नशेड़ियों ने आपस में सिरिंज शेयर करने की बात कुबूली है। जिला अस्पताल स्थित नाको के आईसीसीसी केंद्र (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) के परामर्शदाता ललित पंत ने बताया कि रुद्रपुर में पहली बार एक साथ 15 युवकों के एचआईवी पॉजिटिव निकलने की रिपोर्ट मिली है। 

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जिले में एक वर्ष 88 लोगों में हुई एड्स की पुष्टि 

ऊधमसिंह नगर जिले में सिरिंज शेयर करने और असुरक्षित यौन संबंधों से एड्स के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक कुल 88 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई थी। इनमें 57 पुरुष और 31 महिलाएं शामिल थे। इनमें 11 महिलाएं गर्भवती थीं। एक साल में स्वास्थ्य विभाग ने 2384 पुरुषों, 3028 महिलाओं और 7092 गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग की। 

नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए जिला अस्पताल में ओएसटी सेंटर और आईसीसीसी केंद्र में जांच एवं इलाज की सुविधा है। साथ ही मनोरोग विशेषज्ञ की भी व्यवस्था है। युवाओं से नशा छुड़वाने को स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। ओएसटी सेंटर की काउंसलर श्वेता दीक्षित इस्तीफा दे चुकी हैं। इसके बावजूद नशे के शिकार लोगों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है।
-डॉ. शैलजा भट्ट, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर।

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