फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   परियोजना प्रभावितों ने कंपनी पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

परियोजना प्रभावितों ने कंपनी पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

Mon, 10 Jul 2017 10:31 PM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
परियोजना प्रभावितों ने कंपनी पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

विज्ञापन
श्रीनगर/कीर्तिनगर। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की लंबित समस्याओं को सुनने के लिए बुलाई गई बैठक हंगामेदार रही। परियोजना प्रभावितों ने परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल/जीवीके (अलकनंदा हाइड्रोपावर कंस्ट्रक्शन लि.) पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी एंग्रीमेंट का पालन नहीं कर रहीे है। वहीं कंपनी के अधिकारी फंड की कमी और मामला कोर्ट में होने की बात कहकर आरोपों को टालते नजर आए।
विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी की ओर से सोमवार को केंद्रीय गढ़वाल विवि के चौरास प्रेक्षागृह में प्रशासन और कंपनी अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना प्रभावित टिहरी जिले के गांवों के समस्याएं सुनी गईं। लोगों ने कहा कि परियोजना की वजह से रास्ते डूब गए। पानी का पानी नहीं है। कंपनी न तो रोजगार दे रही है और न ही मुआवजा। कंपनी ने जिनको रोजगार दिया है, उनका भविष्य भी स्पष्ट नहीं है। कंपनी के अधिकारी झूठ बोलकर गुमराह करते आ रहे हैं। चेक दिए गए हैं, लेकिन उनको बैंक में लगाने से रोक दिया गया। काम करने पर भुगतान नहीं किया गया है।
विज्ञापन

कंपनी की कार्यप्रणाली से नाराज विधायक कंडारी ने कहा कि कंपनी को ग्रामीणों को इस बात का धन्यवाद देना चाहिए कि चेक देने पर उन्होंने कंपनी के विरुद्ध केस दर्ज नहीं कराया। अन्यथा कंपनी को भारी पड़ जाता। उन्होंने कंपनी को फटकार लगाते हुए कहा कि जगह-जगह लोग परेशान हैं। जनता कोर्ट जाएगी, तो मैं जनता का साथ दूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं जिलाधिकारी टिहरी सोनिका ने बैठक में कंपनी की ओर से आवश्यक दस्तावेज न लाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल दस्तावेज लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कंपनी स्पष्ट बताए कि जनता को क्या आश्वासन दिया जाए। डीएम ने कहा कि जब कंपनी ने वादे पूरे नहीं करने थे तो एंग्रीमेंट क्यों किए?


निदेशक के न आने पर नाराजगी
श्रीनगर। एएचपीसीएल के निदेशक प्रसन्ना रेड्डी ने बैठक में अपना प्रतिनिधि भेज दिया। इस पर प्रभावितों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि प्रसन्ना बैठकों में आने के बजाय प्रतिनिधि भेज देते हैं, जिससे ज्यादातर समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed