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यूपीसीएल के संसाधनों का अध्ययन करेगी समिति
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यूपीसीएल के संसाधनों का अध्ययन करेगी समिति
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। यूपीसीएल में संसाधनों की कमी के अध्ययन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। ऊर्जा सचिव राधिका झा के निर्देश पर इस समिति का गठन किया गया है। यह समिति यूपीसीएल में उपभोक्ताओं की संख्या व निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित कराने के लिए अभियंताओं व कर्मचारियाें की जरूरत के साथ ही अन्य संसाधनों के बारे में अध्ययन करेगी।
यूपीसीएल सूत्रों के मुताबिक सात सदस्यीय समिति में उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) एचपी शर्मा, जीएस धर्मशक्तू, गौरव शर्मा, शिशिर श्रीवास्तव, सुधीर कुमार सिंह जैसे अधिकारियों को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अभियंताओं के अधिवेशन के दौरान यूपीसीएल, पिटकुल व यूजेवीएनएल में अभियंताओं के साथ ही कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा था। संगठन पदाधिकारियों ने मांग उठाते हुए कहा था कि तीनों निगमों में अभियंताओं व कर्मचारियों की कमी से होने वाली दिक्कतोें को भी प्रमुखता से उठाया था। अधिवेशन के दौरान ही सचिव ऊर्जा ने यूजेवीएनएल, पिटकुल व यूपीसीएल के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया था कि वे अपने अपने निगमों में समिति का गठन कर यह अध्ययन कराएं कि वर्तमान जरूरतों के मुताबिक कितने अभियंताओं व कर्मचारियों की जरूरत है। सचिव ऊर्जा के निर्देश पर यूपीसीएल प्रबंध ने समिति का गठन कर अध्ययन कराना शुरू कर दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो यूपीसीएल में वर्तमान में 300 अभियंताओं के साथ ही 1200 लाइनमैनों की कमी है। इस कमी का असर व्यवस्था पर पड़ रहा है। जबकि पिछले एक दशक में राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या काफी बढ़ गई है।
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देहरादून। यूपीसीएल में संसाधनों की कमी के अध्ययन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। ऊर्जा सचिव राधिका झा के निर्देश पर इस समिति का गठन किया गया है। यह समिति यूपीसीएल में उपभोक्ताओं की संख्या व निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित कराने के लिए अभियंताओं व कर्मचारियाें की जरूरत के साथ ही अन्य संसाधनों के बारे में अध्ययन करेगी।
यूपीसीएल सूत्रों के मुताबिक सात सदस्यीय समिति में उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) एचपी शर्मा, जीएस धर्मशक्तू, गौरव शर्मा, शिशिर श्रीवास्तव, सुधीर कुमार सिंह जैसे अधिकारियों को शामिल किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अभियंताओं के अधिवेशन के दौरान यूपीसीएल, पिटकुल व यूजेवीएनएल में अभियंताओं के साथ ही कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा था। संगठन पदाधिकारियों ने मांग उठाते हुए कहा था कि तीनों निगमों में अभियंताओं व कर्मचारियों की कमी से होने वाली दिक्कतोें को भी प्रमुखता से उठाया था। अधिवेशन के दौरान ही सचिव ऊर्जा ने यूजेवीएनएल, पिटकुल व यूपीसीएल के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया था कि वे अपने अपने निगमों में समिति का गठन कर यह अध्ययन कराएं कि वर्तमान जरूरतों के मुताबिक कितने अभियंताओं व कर्मचारियों की जरूरत है। सचिव ऊर्जा के निर्देश पर यूपीसीएल प्रबंध ने समिति का गठन कर अध्ययन कराना शुरू कर दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो यूपीसीएल में वर्तमान में 300 अभियंताओं के साथ ही 1200 लाइनमैनों की कमी है। इस कमी का असर व्यवस्था पर पड़ रहा है। जबकि पिछले एक दशक में राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या काफी बढ़ गई है।
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