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छोटी दुकानों को सील गिं के दायरे से बाहर रखा जाए
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल और दून उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने गढ़वाल कमिश्नर से छोटी दुकानों को सीलिंग के दायरे से बाहर रखने की मांग की। उन्होंने अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स पर व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही गलत तरीके से सील भवनों को मुक्त करने की मांग की।
दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को गढ़वाल आयुक्त शैलेश बगोली से मुलाकात की। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और भवनों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। गढ़वाल आयुक्त को ज्ञापन देते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। गोयल ने कहा कि नंबर-2013 में जारी मास्टर प्लान के तहत जिन जगहों पर जिस तरह बाजार की व्यवस्था थी, उन्हें धारा-16 के अंतर्गत यथावत रखा जाना था। इस पर गढ़वाल कमिश्नर ने एमडीडीए उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव को धारा-16 के अंतर्गत एक सप्ताह का समय देते हुए स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
मंत्री सुनील मेसॉन ने कहा कि गलत तरीके से सील व्यापारिक प्रतिष्ठानों और भवनों को सील मुक्त किया जाए। कहा कि मास्टर प्लान के बाद खुलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए जो 125 मीटर से कम हैं, उन्हें नियमित करने का प्रावधान करने की मांग की। दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा की छोटी दुकानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाए। कहा कि एक ओर सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई से रोजगार बंद हो जाएगा। इस दौरान अजय गोयल, अमित गर्ग, चंद्रेश गुलाटी, डिंपल शर्मा, अलीमुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को गढ़वाल आयुक्त शैलेश बगोली से मुलाकात की। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और भवनों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। गढ़वाल आयुक्त को ज्ञापन देते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। गोयल ने कहा कि नंबर-2013 में जारी मास्टर प्लान के तहत जिन जगहों पर जिस तरह बाजार की व्यवस्था थी, उन्हें धारा-16 के अंतर्गत यथावत रखा जाना था। इस पर गढ़वाल कमिश्नर ने एमडीडीए उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव को धारा-16 के अंतर्गत एक सप्ताह का समय देते हुए स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
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मंत्री सुनील मेसॉन ने कहा कि गलत तरीके से सील व्यापारिक प्रतिष्ठानों और भवनों को सील मुक्त किया जाए। कहा कि मास्टर प्लान के बाद खुलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए जो 125 मीटर से कम हैं, उन्हें नियमित करने का प्रावधान करने की मांग की। दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा की छोटी दुकानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाए। कहा कि एक ओर सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई से रोजगार बंद हो जाएगा। इस दौरान अजय गोयल, अमित गर्ग, चंद्रेश गुलाटी, डिंपल शर्मा, अलीमुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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