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अच्छा नेता बनने के लिए शिक्षा जरूरी : ऊषा नेगी
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
अच्छा नेता बनने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। गुणवान और चरित्रवान जनप्रतिनिधि ही समाज के साथ देश का भला कर सकता है। ये बातें उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी रविवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित बाल विधानसभा में कहीं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, प्लान इंडिया और भुवनेश्वरी महिला आश्रम की ओर से आयोजित बाल विधानासभा में प्रदेश के 13 जिलों के बाल विधायकों ने हिस्सा लिया। बाल विधानसभा तीन दिन तक चलेगी। बाल विधानसभा 13 से 18 वर्ष के 70 बच्चों का संगठन है, जो प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस मौके पर बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार से निपटने में इस तरह के कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार को कम कर बाल विधायकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से अवगत कराना है। इसके अलावा बाल विधानसभा के जरिए बच्चों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए मंच तैयार करना है। बाल विधानसभा का गठन होने के बाद उन्हें कैबिनेट बैठक में भी शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्हें सरकार के सत्र में भी सम्मलित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बाल विधायकों से बिना भेदभाव और जातिवाद के आधार पर देश के लिए काम करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं की सूचना मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा बाल आयोग की सदस्य सीमा डोरा ने बच्चों को बाल अधिकारों, नीतियों और कानून के लिए जागरूक किया। इस मौके पर आयोग के सचिव विनोद रतूड़ी, सदस्य साधना त्रिपाठी, सुधीर राय, सुरेश, गोपाल थपलियाल, गिरीश डिमरी, अरविंद पुरोहित, चंद्रमणी उनियाल आदि मौजूद रहे।
ऐसे हुआ 70 विधायकों का चयन
प्लान इंडिया के प्रबंधक गोपाल थपलियाल ने बताया कि प्लान इंडिया और बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने टीम गठित कर बच्चों से आवेदन मांगे थे। इसमें प्रदेशभर से 200 बच्चों ने ‘विधायक क्यों बनना चाहते हैं’ विषय पर निबंध लिखकर आवेदन किया थे। इसमें 70 निबंधों के आधार पर प्रदेश की 70 विधानसभा सीट के लिए बाल विधायक चुने गए।
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आज चुनाव, कल शपथ ग्रहण
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल की मौजूदगी में सोमवार को चयनित बाल विधायकों में से मुख्यमंत्री और कैबिनेट का चयन किया जाएगा। इसके बाद मंगलवार को नवनिर्वाचित बाल मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होगा।
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अच्छा नेता बनने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। गुणवान और चरित्रवान जनप्रतिनिधि ही समाज के साथ देश का भला कर सकता है। ये बातें उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी रविवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित बाल विधानसभा में कहीं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, प्लान इंडिया और भुवनेश्वरी महिला आश्रम की ओर से आयोजित बाल विधानासभा में प्रदेश के 13 जिलों के बाल विधायकों ने हिस्सा लिया। बाल विधानसभा तीन दिन तक चलेगी। बाल विधानसभा 13 से 18 वर्ष के 70 बच्चों का संगठन है, जो प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस मौके पर बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार से निपटने में इस तरह के कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार को कम कर बाल विधायकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से अवगत कराना है। इसके अलावा बाल विधानसभा के जरिए बच्चों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए मंच तैयार करना है। बाल विधानसभा का गठन होने के बाद उन्हें कैबिनेट बैठक में भी शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्हें सरकार के सत्र में भी सम्मलित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बाल विधायकों से बिना भेदभाव और जातिवाद के आधार पर देश के लिए काम करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं की सूचना मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा बाल आयोग की सदस्य सीमा डोरा ने बच्चों को बाल अधिकारों, नीतियों और कानून के लिए जागरूक किया। इस मौके पर आयोग के सचिव विनोद रतूड़ी, सदस्य साधना त्रिपाठी, सुधीर राय, सुरेश, गोपाल थपलियाल, गिरीश डिमरी, अरविंद पुरोहित, चंद्रमणी उनियाल आदि मौजूद रहे।
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ऐसे हुआ 70 विधायकों का चयन
प्लान इंडिया के प्रबंधक गोपाल थपलियाल ने बताया कि प्लान इंडिया और बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने टीम गठित कर बच्चों से आवेदन मांगे थे। इसमें प्रदेशभर से 200 बच्चों ने ‘विधायक क्यों बनना चाहते हैं’ विषय पर निबंध लिखकर आवेदन किया थे। इसमें 70 निबंधों के आधार पर प्रदेश की 70 विधानसभा सीट के लिए बाल विधायक चुने गए।
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आज चुनाव, कल शपथ ग्रहण
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल की मौजूदगी में सोमवार को चयनित बाल विधायकों में से मुख्यमंत्री और कैबिनेट का चयन किया जाएगा। इसके बाद मंगलवार को नवनिर्वाचित बाल मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होगा।