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जेईई मेन के बाद अभी एक और चुनौती
Updated Tue, 01 May 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन पास करने वाले अभ्यर्थियों की निगाहें अब 12वीं के रिजल्ट पर हैं। आईआईटी में दाखिले के लिए उनके 12वीं के अंक 75 प्रतिशत या बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में शामिल होना जरूरी है। अगर 12वीं में इतने अंक न आए तो वह जेईई एडवांस क्वालिफाई करने के बावजूद आईआईटी में दाखिला नहीं ले पाएंगे।
आईआईटी और आईएसएम धनबाद के लिए जेईई मेन परीक्षा से शीर्ष 2.20 लाख अभ्यर्थियों का चयन जेईई एडवांस में हुआ है। इन छात्रों के लिए मुख्य शर्त अब या तो 12वीं की परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक या बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में आना है। एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह क्राइटेरिया 65 प्रतिशत है। यानी जेईई एडवांस तक पहुंचकर, इस परीक्षा को पास करके भी यदि यह अपने बोर्ड के इस क्राइटेरिया में जगह नहीं बना पाते हैं तो वह आईआईटी में दाखिला नहीं ले पाएंगे। यह परसेंटाइल हर बोर्ड के टॉपर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। अचीवर्ज क्लासेज के सीईओ मनु पंत के मुताबिक बोर्ड परीक्षा परिणाम की चिंता किए बिना छात्रों को अब जेईई एडवांस के लिए जी तोड़ मेहनत शुरू कर देनी चाहिए। आमतौर पर एडवांस में जगह बनाने वाले छात्र अपने बोर्ड शीर्ष पोजिशन पर आ ही जाते हैं।
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इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन पास करने वाले अभ्यर्थियों की निगाहें अब 12वीं के रिजल्ट पर हैं। आईआईटी में दाखिले के लिए उनके 12वीं के अंक 75 प्रतिशत या बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में शामिल होना जरूरी है। अगर 12वीं में इतने अंक न आए तो वह जेईई एडवांस क्वालिफाई करने के बावजूद आईआईटी में दाखिला नहीं ले पाएंगे।
आईआईटी और आईएसएम धनबाद के लिए जेईई मेन परीक्षा से शीर्ष 2.20 लाख अभ्यर्थियों का चयन जेईई एडवांस में हुआ है। इन छात्रों के लिए मुख्य शर्त अब या तो 12वीं की परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक या बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में आना है। एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह क्राइटेरिया 65 प्रतिशत है। यानी जेईई एडवांस तक पहुंचकर, इस परीक्षा को पास करके भी यदि यह अपने बोर्ड के इस क्राइटेरिया में जगह नहीं बना पाते हैं तो वह आईआईटी में दाखिला नहीं ले पाएंगे। यह परसेंटाइल हर बोर्ड के टॉपर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। अचीवर्ज क्लासेज के सीईओ मनु पंत के मुताबिक बोर्ड परीक्षा परिणाम की चिंता किए बिना छात्रों को अब जेईई एडवांस के लिए जी तोड़ मेहनत शुरू कर देनी चाहिए। आमतौर पर एडवांस में जगह बनाने वाले छात्र अपने बोर्ड शीर्ष पोजिशन पर आ ही जाते हैं।
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