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न्यूनतम वेतन 21 हजार करने की मांग पर अड़े उपनलकर्मी
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य कैबिनेट की ओर से उपनल कर्मचारियों के वेतन में प्रतिमाह की गई 1500 रुपये की बढ़ोतरी पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये करने की मांग दोहराई है।
कैबिनेट में बृहस्पतिवार को उपनल कर्मियों की वेतन बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को अन्य कर्मचारियों से वार्ता के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि पनल कर्मचारियों ने 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को बेहद कम बताया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रतिदिन 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो सर्विस टैक्स और कमीशन काटने के बाद 35 रुपये ही रह जाएगी। उपनलकर्मी 21 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के प्रवक्ता विनोद कवि ने कहा कि एक तरफ सरकार ने विधायक-मंत्रियों के वेतन-भत्ते में 120 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के वेतन में पांच साल में महज 1500 रुपये बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ाने के फैसले की समीक्षा करने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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राज्य कैबिनेट की ओर से उपनल कर्मचारियों के वेतन में प्रतिमाह की गई 1500 रुपये की बढ़ोतरी पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये करने की मांग दोहराई है।
कैबिनेट में बृहस्पतिवार को उपनल कर्मियों की वेतन बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को अन्य कर्मचारियों से वार्ता के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि पनल कर्मचारियों ने 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को बेहद कम बताया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रतिदिन 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो सर्विस टैक्स और कमीशन काटने के बाद 35 रुपये ही रह जाएगी। उपनलकर्मी 21 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के प्रवक्ता विनोद कवि ने कहा कि एक तरफ सरकार ने विधायक-मंत्रियों के वेतन-भत्ते में 120 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के वेतन में पांच साल में महज 1500 रुपये बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ाने के फैसले की समीक्षा करने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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