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बदलेगा इंजीनियरिंग के 11 विषयों का सिलेबस
Updated Thu, 15 Feb 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में इंजीनियरिंग के 11 विषयों का सिलेबस बदलने वाला है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने क्वालिटी इन यूनिवर्सिटी का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके तहत जल्द अकादमिक परिषद की संस्तुति के आधार पर ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन में भी बदलाव होगा। इसके बाद यह पूरा बदलाव अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) को भेजा जाएगा।
इंजीनियरिंग के छात्रों को नए सत्र से नए विषय पढ़ने को मिलेंगे। सिविल इंजीनियरिंग, मेकैनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी सहित 11 विषयों का सिलेबस तकनीकी विवि की ओर से बदला जा रहा है। विवि के कुलपति डॉ.उदय सिंह रावत ने बताया कि क्वालिटी इन यूनिवर्सिटी का रोडमैप तैयार हो चुका है। सिलेबस रिवाइज करने के साथ ही समर इंटर्नशिप जरूरी होगी। छात्र को यूजी कोर्स पूरा करने से पहले अनिवार्य तौर पर चार से आठ सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी।
इसके आधार पर ही डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों के लिए भी ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। शिक्षण और शोध की गुणवत्ता सुधार के लिए भी अलग से योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि अकादमिक परिषद की संस्तुति के बाद विवि के ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन में बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव एआईसीटीई को भेजे जाएंगे। एआईसीटीई ने जिन 11 विषयों का सिलेबस बदला है, उन्हीं विषयों का सिलेबस उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
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केवल किताबी नहीं होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई
उत्तराखंड में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब केवल किताबी नहीं होगी। एआईसीटीई और तकनीकी विश्वविद्यालय ने इस बात पर फोकस किया है कि छात्रों की पढ़ाई के साथ अब उद्योगों में इंटर्नशिप भी जरूरी हो। लिहाजा, इंटर्नशिप की पूरी व्यवस्था भी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्तर से कराई जाएगी।
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प्रदेश में इंजीनियरिंग के 11 विषयों का सिलेबस बदलने वाला है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने क्वालिटी इन यूनिवर्सिटी का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके तहत जल्द अकादमिक परिषद की संस्तुति के आधार पर ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन में भी बदलाव होगा। इसके बाद यह पूरा बदलाव अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) को भेजा जाएगा।
इंजीनियरिंग के छात्रों को नए सत्र से नए विषय पढ़ने को मिलेंगे। सिविल इंजीनियरिंग, मेकैनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी सहित 11 विषयों का सिलेबस तकनीकी विवि की ओर से बदला जा रहा है। विवि के कुलपति डॉ.उदय सिंह रावत ने बताया कि क्वालिटी इन यूनिवर्सिटी का रोडमैप तैयार हो चुका है। सिलेबस रिवाइज करने के साथ ही समर इंटर्नशिप जरूरी होगी। छात्र को यूजी कोर्स पूरा करने से पहले अनिवार्य तौर पर चार से आठ सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी।
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इसके आधार पर ही डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों के लिए भी ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। शिक्षण और शोध की गुणवत्ता सुधार के लिए भी अलग से योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि अकादमिक परिषद की संस्तुति के बाद विवि के ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन में बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव एआईसीटीई को भेजे जाएंगे। एआईसीटीई ने जिन 11 विषयों का सिलेबस बदला है, उन्हीं विषयों का सिलेबस उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
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केवल किताबी नहीं होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई
उत्तराखंड में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब केवल किताबी नहीं होगी। एआईसीटीई और तकनीकी विश्वविद्यालय ने इस बात पर फोकस किया है कि छात्रों की पढ़ाई के साथ अब उद्योगों में इंटर्नशिप भी जरूरी हो। लिहाजा, इंटर्नशिप की पूरी व्यवस्था भी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्तर से कराई जाएगी।