{"_id":"5a81f9734f1c1b8d268b9ba2","slug":"141518467443-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर आशाओं का सचिवालय कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर आशाओं का सचिवालय कूच
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांगों को लेकर आशाओं का सचिवालय कूच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
भारतीय मजदूर संघ से जुड़ी आशाओं ने राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर शंखनाद रैली निकाली और सचिवालय कूच किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके हितों की अनदेखी हो रही है।
परेड ग्राउंड हिंदी भवन के पास एकत्र हुई आशा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन से जुड़ी महिलाओं एवं आशा फैसिलिटेटरो ने कनक चौक, सुभाष रोड होते हुए सचिवालय तक कूच किया। जहां हुई सभा में महिलाओं ने कहा कि कई बार के आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने आशाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 33 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की थी। जिसमें से हर साल प्रोत्साहन के रूप में 5000 हजार एक मुश्त एवं हर महीने दो हजार रुपये इसके अलावा दिया जाना था, लेकिन आशाओं को इसका लाभ नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों ने इसके बाद स्थानीय प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शनकारियों में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री संजीव विश्नोई, जिला मंत्री पंकज शर्मा, सहमंत्री उज्ज्वल त्यागी, अध्यक्ष चंद्र मोहन बिजल्वाण, प्रदेश संयोजक रेनू नेगी, महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा, राम चंद्र खंडूरी, गोविंद सिंह बिष्ट, दिनेश पांडे, आशा जिला अध्यक्ष आरती थापा, रजनी शर्मा, मधु सिंह, गंगा गुप्ता, माया, सविता, विजय लक्ष्मी भंडारी, ममतेश, तनुजा, रोशनी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
----
ये हैं संगठन की प्रमुख मांगें...
- हर महीने दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाए।
- फैसिलिटेटरों को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
- राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिल रही प्रोत्साहन में बढ़ोतरी की जाए।
- स्वास्थ्य विभाग में तृतीय श्रेणी के पदों एवं एएनएम और जीएनएम कोर्स के लिए अधिमान दिया जाए।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
भारतीय मजदूर संघ से जुड़ी आशाओं ने राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर शंखनाद रैली निकाली और सचिवालय कूच किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके हितों की अनदेखी हो रही है।
परेड ग्राउंड हिंदी भवन के पास एकत्र हुई आशा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन से जुड़ी महिलाओं एवं आशा फैसिलिटेटरो ने कनक चौक, सुभाष रोड होते हुए सचिवालय तक कूच किया। जहां हुई सभा में महिलाओं ने कहा कि कई बार के आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने आशाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 33 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की थी। जिसमें से हर साल प्रोत्साहन के रूप में 5000 हजार एक मुश्त एवं हर महीने दो हजार रुपये इसके अलावा दिया जाना था, लेकिन आशाओं को इसका लाभ नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों ने इसके बाद स्थानीय प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री संजीव विश्नोई, जिला मंत्री पंकज शर्मा, सहमंत्री उज्ज्वल त्यागी, अध्यक्ष चंद्र मोहन बिजल्वाण, प्रदेश संयोजक रेनू नेगी, महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा, राम चंद्र खंडूरी, गोविंद सिंह बिष्ट, दिनेश पांडे, आशा जिला अध्यक्ष आरती थापा, रजनी शर्मा, मधु सिंह, गंगा गुप्ता, माया, सविता, विजय लक्ष्मी भंडारी, ममतेश, तनुजा, रोशनी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
----
ये हैं संगठन की प्रमुख मांगें...
- हर महीने दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाए।
- फैसिलिटेटरों को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
- राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिल रही प्रोत्साहन में बढ़ोतरी की जाए।
- स्वास्थ्य विभाग में तृतीय श्रेणी के पदों एवं एएनएम और जीएनएम कोर्स के लिए अधिमान दिया जाए।