उत्तराखंड में हादसों का कारण बन रहे 139 ब्लैक स्पॉट और 1500 डेंजर जोन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानसून के दौरान राज्य के राष्ट्रीय व राजमार्गों के अलावा संपर्क मार्गों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए गठित एजेंसी ने कवायद शुरू कर दी है। एजेंसी राज्यभर में चिह्नित किए गए 139 ब्लैक स्पॉट व 1500 डेंजर जोन के मरम्मत कार्यों का जायजा लेगी। अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह का कहना है कि एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, राजमार्गों व संपर्क मार्गों पर मानसून के दौरान होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर परिवहन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच एजेंसी का गठन किया गया है। यह एजेंसी हादसों के लिहाज से राज्य के बेहद संवेदनशील स्थानों का जायजा लेगी। अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि एजेंसी 139 ब्लैक स्पॉट व 1500 डेंजर जोन की जांच कर रही है जो हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं।
इसके अलावा मानसून से पहले इन स्थानों पर पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए गए जरूरी निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया जा रहा है। कार्य न होने की स्थिति में रिपोर्ट शासन और पीडब्ल्यूडी को भेजी जाएगी। इसके अलावा पर्वतीय इलाकों में चलने वाले वाहनों की फिटनेस के साथ ही चालकों के लाइसेंस की जांच की जा रही है।
दुर्घटनाओं की संख्या घटा, मौतों का आंकड़ा भी हुआ कम
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क हादसों की संख्या में कमी आयी है। इसके अलावा हादसों में मौतोें का आंकड़ा भी कम हुआ है। पिछले साल छह माह में 746 हादसे हुए। इस साल यह आंकड़ा 705 रहा। पिछले साल हादसों में 480 लोगों की जान गई। वहीं इस साल अब तक 445 लोगों की मौत हो चुकी है।
देहरादून में मौत के 47 मुहाने, 10 शिमला बाईपास पर
राजधानी की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट (मौत के मुहाने) दुरुस्त करने के लिए लंबे समय से तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी संख्या में कमी नहीं आई। शहर और इसके आसपास की सड़कों पर मौत के 47 मुहाने हैं। इनमें से 10 ब्लैक स्पॉट शिमला बाईपास पर ही हैं। इन पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
गत वर्ष सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट में जिले में 70 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाने की बात कही गई थी। इनके सुधार के लिए भी बातें हुई। इससे पहले यातायात निदेशालय ने भी अपने स्तर से राजधानी की सड़कों और इसके आसपास में सर्वे कराया गया था। जिसमें 47 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। निदेशालय ने संबंधित विभागों को इन स्थानों पर संकेतक लगाने और इन्हें दुरुस्त कराने के लिए भी पत्र लिखा।
लेकिन, आज तक इन पर कार्रवाई नहीं हुई। हालत यह है कि हर बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में इन मुहाने के निरीक्षण और सुधार की बात की जाती है। लेकिन, ये बातें टेबल के चारों और गूंजकर फिर फाइलों में कैद हो जाती हैं।
ये हैं प्रमुख ब्लैक स्पॉट
काली मंदिर, देहरादून।
भारद्वाज क्लीनिक के पास हरिद्वार रोड।
वुड स्टॉक लंढोर स्कूल के पास।
महारानी सुवा खोली के पास।
होटल सॉलिटेयर के पास हरिद्वार बाईपास रोड।
बड़ोवाला पुल का मोड, शिमला बाईपास।
तेलपुर चौक, शिमला बाईपास रोड।
चांदनी चौक नया गांव, शिमला बाईपास रोड।
रतनपुर, शिमला बाईपास रोड।
पित्थुवाला पेट्रोल पंप, शिमला बाईपास रोड।
नया गांव बूढपुर के पास, शिमला बाईपास रोड।
सेंट ज्यूड्स चौक, शिमला बाईपास रोड।
गणेशपुर के पास शिमला बाईपास रोड।