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पांडव पूजा में संस्कृति से कराएंगे रूबरू
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पांडव पूजा में संस्कृति से कराएंगे रूबरू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आगामी 14 से 16 जून तक मसोगी गांव में पांडव पूजा और पारिवारिक मिलन का आयोजन होगा, जिसमें बाहर रहने वाले ग्रामीणों को भी बुलाया जाएगा। इस दौरान युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
विद्या विहार में रहने वाले कोटद्वार के गांव मसोगी मूल के बुजुर्ग अपने गांव और संस्कृति को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। मसोगी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष वाचस्पति डबराल ने बताया कि सरकार पहाड़ से पलायन रोकने के केवल दावे करती है, जबकि धरातल पर ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। पहाड़ पर बसे गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में लोग अपने स्तर से ही व्यवस्थाएं जुटाकर जीवनयापन कर रहे हैं। बताया कि आगामी 14 से 16 जून तक गांव में पांडव पूजा और पारिवारिक मिलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बाहर रहने वाले ग्रामीण भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य बाहर रहने वाली युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराना है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आगामी 14 से 16 जून तक मसोगी गांव में पांडव पूजा और पारिवारिक मिलन का आयोजन होगा, जिसमें बाहर रहने वाले ग्रामीणों को भी बुलाया जाएगा। इस दौरान युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
विद्या विहार में रहने वाले कोटद्वार के गांव मसोगी मूल के बुजुर्ग अपने गांव और संस्कृति को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। मसोगी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष वाचस्पति डबराल ने बताया कि सरकार पहाड़ से पलायन रोकने के केवल दावे करती है, जबकि धरातल पर ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। पहाड़ पर बसे गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में लोग अपने स्तर से ही व्यवस्थाएं जुटाकर जीवनयापन कर रहे हैं। बताया कि आगामी 14 से 16 जून तक गांव में पांडव पूजा और पारिवारिक मिलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बाहर रहने वाले ग्रामीण भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य बाहर रहने वाली युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराना है।
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