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65 अधिकारियों-कर्मचारियों से वेतन रिकवरी के आदेश
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:03 AM IST
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65 अधिकारियों-कर्मचारियों से वेतन रिकवरी के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम में शासनादेशों के विपरीत सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ लेने वाले विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। प्रबंध निदेशक बीके संत ने ऐसे 65 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बढ़ी हुई एसीपी की रिकवरी करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रबंध निदेशक की इस कार्रवाई के बाद निगम अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। दूसरी तरफ प्रबंध निदेशक ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव को जांच करने का आदेश जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड परिवहन निगम में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ ले रहे थे। साल 2013 से अनाधिकृत तरीके से दी र्गई एसीपी की आड़ में इन अधिकारियों और कर्मचारियों को करोड़ों रुपये बढ़ा हुआ भुगतान भी कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2013 से एसीपी का लाभ ले रहे थे लेकिन किसी आला अधिकारी ने इस संबंध में संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी थी।
आखिरकार प्रकरण उजागर हुआ तो पहले चरण में 25 ऐसे फोरमैन चिन्हित किए गए जो शासनादेश के विपरीत एसीपी का लाभ ले रहे थे। महाप्रबंधक दीपक जैन ने इन सभी फोरमैनों को शासनादेश के तहत वेतन भुगतान करने का आदेश तीन दिन पूर्व जारी किया था। इस बीच विभागीय जांच में सामने आया कि 40 और अधिकारी व कर्मचारी शासनादेश के विपरीत लाभ ले रहे थे। अब इस मामले में प्रबंध निदेशक ने ऐसेे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से बढ़ी हुई एसीपी की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया है। प्रबंध निदेशक संत ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच के बाद ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से रिकवरी की जाएगी। इस पूरे प्रकरण में निगम के वित्त नियंत्रक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि उनकी शिथिलता पायी गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम में शासनादेशों के विपरीत सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ लेने वाले विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। प्रबंध निदेशक बीके संत ने ऐसे 65 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बढ़ी हुई एसीपी की रिकवरी करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रबंध निदेशक की इस कार्रवाई के बाद निगम अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। दूसरी तरफ प्रबंध निदेशक ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव को जांच करने का आदेश जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड परिवहन निगम में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ ले रहे थे। साल 2013 से अनाधिकृत तरीके से दी र्गई एसीपी की आड़ में इन अधिकारियों और कर्मचारियों को करोड़ों रुपये बढ़ा हुआ भुगतान भी कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2013 से एसीपी का लाभ ले रहे थे लेकिन किसी आला अधिकारी ने इस संबंध में संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी थी।
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आखिरकार प्रकरण उजागर हुआ तो पहले चरण में 25 ऐसे फोरमैन चिन्हित किए गए जो शासनादेश के विपरीत एसीपी का लाभ ले रहे थे। महाप्रबंधक दीपक जैन ने इन सभी फोरमैनों को शासनादेश के तहत वेतन भुगतान करने का आदेश तीन दिन पूर्व जारी किया था। इस बीच विभागीय जांच में सामने आया कि 40 और अधिकारी व कर्मचारी शासनादेश के विपरीत लाभ ले रहे थे। अब इस मामले में प्रबंध निदेशक ने ऐसेे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से बढ़ी हुई एसीपी की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया है। प्रबंध निदेशक संत ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच के बाद ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से रिकवरी की जाएगी। इस पूरे प्रकरण में निगम के वित्त नियंत्रक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि उनकी शिथिलता पायी गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।