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तहसील में दिखा डीएम का खौफ
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
जिलाधिकारी के अचानक पुराने तहसील भवन में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मुआयना करने पहुंचने पर तहसीलकर्मियों में खलबली मच गई। उनके आने की सूचना मिलते ही कर्मचारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए तो पटवारी आनन-फानन में क्षेत्रों में निकल पड़े। हालांकि, डीएम पुराने तहसील भवन से ही लौट गए।
सोमवार को तहसील परिसर फरियादियों, कर्मचारियों और पटवारियों से भरा था। लोग अपनी समस्याएं बता रहे थे कि अचानक जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन के आने की सूचना पर अफरातफरी मच गई। इस पर तहसीलकर्मी तत्काल सारी व्यवस्थाएं सुधारने में जुट गए। जबकि, डीएम के डर से तहसील में बैठे पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में निकल गए।
इस अफरातफरी के बीच फरियादी कुछ देर तक तो समझ ही नहीं पाए कि आखिर चल क्या रहा है। हालांकि, डीएम पुराने तहसील भवन में रखी ईवीएम का मुआयना करने आए थे, लेकिन उनके आने का असर तहसील में करीब आधे घंटे तक बरकरार रहा। तहसीलकर्मी खिड़कियों से पुरानी तहसील में ताकझांक करते रहे। कुछ देर बाद जिलाधिकारी चले गए तब जाकर तहसील के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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जिलाधिकारी के अचानक पुराने तहसील भवन में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मुआयना करने पहुंचने पर तहसीलकर्मियों में खलबली मच गई। उनके आने की सूचना मिलते ही कर्मचारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए तो पटवारी आनन-फानन में क्षेत्रों में निकल पड़े। हालांकि, डीएम पुराने तहसील भवन से ही लौट गए।
सोमवार को तहसील परिसर फरियादियों, कर्मचारियों और पटवारियों से भरा था। लोग अपनी समस्याएं बता रहे थे कि अचानक जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन के आने की सूचना पर अफरातफरी मच गई। इस पर तहसीलकर्मी तत्काल सारी व्यवस्थाएं सुधारने में जुट गए। जबकि, डीएम के डर से तहसील में बैठे पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में निकल गए।
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इस अफरातफरी के बीच फरियादी कुछ देर तक तो समझ ही नहीं पाए कि आखिर चल क्या रहा है। हालांकि, डीएम पुराने तहसील भवन में रखी ईवीएम का मुआयना करने आए थे, लेकिन उनके आने का असर तहसील में करीब आधे घंटे तक बरकरार रहा। तहसीलकर्मी खिड़कियों से पुरानी तहसील में ताकझांक करते रहे। कुछ देर बाद जिलाधिकारी चले गए तब जाकर तहसील के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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