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जैव उपभोग के लिए आबादी का नियंत्रण जरूरी : जोशी
Updated Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर मंगलवार को कौलागढ़ स्थित भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान मेें पर्यावरणविदें और विशेषज्ञों ने जैव विविधता और उपभोग पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि हिमालय पर्यावरण अध्ययन संरक्षण संस्थान ‘हेस्को’ के संस्थापक अनिल जोशी ने जैव उपभोग के लिए आबादी पर नियंत्रण का सुझाव दिया। वहीं अन्य विशेषज्ञों ने वनस्पतियों के महत्व जानकारी दी।
हेस्को संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि जैव विविधता के बगैर जीवन संभव नहीं है। जैव विविधता को संकट से बचाने के लिए आबादी को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। मनुष्य को स्वार्थ त्याग कर पेड़-पौधों व जैविक उपभोग के बारे में चिंतन करना होगा। इसके पहले मुख्य अतिथि अनिल जोशी और विशिष्ट अतिथि केवि ओएनजीसी के प्राचार्य डीएस नेगी ने समेत कई वैज्ञानिकों ने संयुक्तरूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अतिथियों ने वैज्ञानिकों के साथ वनस्पति उद्यान व संग्रहालय का भ्रमण किया और वृक्षारोपण किया।
केवि ओएनजीसी के प्राचार्य डीएस नेगी ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न स्कूलों के बच्चों को वनस्पतियों की प्रजातियों का महत्व समझाया साथ ही पृथ्वी के महत्वपूर्ण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अध्यक्षता भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के कार्यालय अध्यक्ष डॉ. कुमार अंबरीष ने बताया कि इस दौरान भारत की जैव विविधता और संरक्षण विषय पर आयोजित प्रतियोगिता मेें विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने शिरकत की। जिसमें जूनियर वर्ग में अनुराग रमोला प्रथम, साहिल गुप्ता द्वितीय, हिमानी तृतीय व सीनियर वर्ग में अर्जया मिश्रा प्रथम, अंजलि, आदित्य कोठारी तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम डॉ. बीएस खोलिया, डॉ. मानस रंजन, डॉ. केएस डोगरा, डॉ. गिरिराज पंवार, डॉ. प्रशांत पुसालकर, डॉ. कुलदीप डोगरा, डॉ. पुनीत कुमार, पुरुषोत्तम कुमार आदि वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर मंगलवार को कौलागढ़ स्थित भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान मेें पर्यावरणविदें और विशेषज्ञों ने जैव विविधता और उपभोग पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि हिमालय पर्यावरण अध्ययन संरक्षण संस्थान ‘हेस्को’ के संस्थापक अनिल जोशी ने जैव उपभोग के लिए आबादी पर नियंत्रण का सुझाव दिया। वहीं अन्य विशेषज्ञों ने वनस्पतियों के महत्व जानकारी दी।
हेस्को संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि जैव विविधता के बगैर जीवन संभव नहीं है। जैव विविधता को संकट से बचाने के लिए आबादी को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। मनुष्य को स्वार्थ त्याग कर पेड़-पौधों व जैविक उपभोग के बारे में चिंतन करना होगा। इसके पहले मुख्य अतिथि अनिल जोशी और विशिष्ट अतिथि केवि ओएनजीसी के प्राचार्य डीएस नेगी ने समेत कई वैज्ञानिकों ने संयुक्तरूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अतिथियों ने वैज्ञानिकों के साथ वनस्पति उद्यान व संग्रहालय का भ्रमण किया और वृक्षारोपण किया।
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केवि ओएनजीसी के प्राचार्य डीएस नेगी ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न स्कूलों के बच्चों को वनस्पतियों की प्रजातियों का महत्व समझाया साथ ही पृथ्वी के महत्वपूर्ण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अध्यक्षता भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के कार्यालय अध्यक्ष डॉ. कुमार अंबरीष ने बताया कि इस दौरान भारत की जैव विविधता और संरक्षण विषय पर आयोजित प्रतियोगिता मेें विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने शिरकत की। जिसमें जूनियर वर्ग में अनुराग रमोला प्रथम, साहिल गुप्ता द्वितीय, हिमानी तृतीय व सीनियर वर्ग में अर्जया मिश्रा प्रथम, अंजलि, आदित्य कोठारी तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम डॉ. बीएस खोलिया, डॉ. मानस रंजन, डॉ. केएस डोगरा, डॉ. गिरिराज पंवार, डॉ. प्रशांत पुसालकर, डॉ. कुलदीप डोगरा, डॉ. पुनीत कुमार, पुरुषोत्तम कुमार आदि वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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