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मेडिकल छात्रों को कालेज नहीं अस्पतालों में मिलेगी तैनाती अब तक मे
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के छात्रों को अब मेडिकल कॉलेज में जेआर के पद पर नियुक्ति के बजाय प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम अस्पतालों में तैनाती दी जाएगी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना के मुताबिक इससे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
डॉ. आशुतोष स्याना के अनुसार प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों के 50 फीसदी से अधिक पद रिक्त हैं। इससे दूर दराज के क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में डॉक्टरों की कमी की समस्या से निपटने के लिए मेडिकल छात्रों की कॉलेज के बजाय अस्पतालों में तैनाती की जाएगी। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों की प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती दी जाएगी। वहीं जिन छात्रों ने अनुबंध के बावजूद इस पर अमल नहीं किया है उन्हें नोटिस जारी किया गया है। इसमें कुछ छात्र विभाग में लौट आए हैं। जबकि कुछ ने शीघ्र ही कार्यभार ग्रहण करने का आश्वासन दिया है।
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श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के छात्रों को अब मेडिकल कॉलेज में जेआर के पद पर नियुक्ति के बजाय प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम अस्पतालों में तैनाती दी जाएगी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना के मुताबिक इससे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
डॉ. आशुतोष स्याना के अनुसार प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों के 50 फीसदी से अधिक पद रिक्त हैं। इससे दूर दराज के क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में डॉक्टरों की कमी की समस्या से निपटने के लिए मेडिकल छात्रों की कॉलेज के बजाय अस्पतालों में तैनाती की जाएगी। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों की प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती दी जाएगी। वहीं जिन छात्रों ने अनुबंध के बावजूद इस पर अमल नहीं किया है उन्हें नोटिस जारी किया गया है। इसमें कुछ छात्र विभाग में लौट आए हैं। जबकि कुछ ने शीघ्र ही कार्यभार ग्रहण करने का आश्वासन दिया है।
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