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300 पद, 3 बार प्रक्रिया रद्द, 7 साल से भर्ती का इंतजार

Wed, 10 Jan 2018 02:17 AM IST
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:17 AM IST
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300 पद, 3 बार प्रक्रिया रद्द, 7 साल से भर्ती का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शैक्षिक, मेडिकल और गैर शैक्षिक 300 पदों पर भर्ती ‘महाभारत’ हो गई है। सात साल से भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। तीन बार इसे रद्द कर आवेदकों को शुल्क लौटाया जा चुका है। अब विवि के नए कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार ने भर्ती से जुड़े विवादों को निपटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कुलसचिव ने एक समिति गठित की है।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए पहले वर्ष 2010 में विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। अचानक विवि ने विज्ञापन रद्द कर संविदा से कई पदों पर भर्ती कर ली। वर्ष 2012 में दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई। विवि ने स्क्रीनिंग परीक्षा भी आयोजित की, लेकिन दोबारा इस प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। अभ्यर्थी फिर मायूस हो गए। वर्ष 2016 में विवि ने दोबारा प्रक्रिया शुरू की। इसी बीच विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई। इस वजह से भर्ती प्रक्रिया दोबारा अटक गई। अब 22 जुलाई 2017 में जारी विज्ञप्ति का दोबारा संशोधित विज्ञापन पांच अगस्त 2017 को जारी किया था। इस बार भर्ती 292 पदों पर निकाली गई है।
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इस पर भी विवि के उप कुलसचिव सवाल खड़े कर चुके हैं। उनका कहना था कि आवेदनों की स्क्रूटनी में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप हो रहा है। लिहाजा, प्रक्रिया अटक गई थी। इस बीच विवि के नए कुलपति डॉ.अभिमन्यु कुमार ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया दुरुस्त करने को कहा। कुलसचिव ने भर्ती से जुड़े सभी विवादों पर एक समिति का गठन किया है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देने जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर परेशानियां दूर की जाएंगी। विवि के कुलसचिव प्रो. अनूप कुमार गक्खड़ के मुताबिक, भर्ती से जुड़े सभी विवादों को निपटाने के बाद पारदर्शिता के साथ भर्ती की जाएगी।
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तीन बार लौटाई फीस
आयुर्वेद विवि की यह भर्ती इतनी मुश्किल है कि तीन बार विज्ञप्ति रद्द होने के बाद विवि को आवेदकों का शुल्क लौटाना पड़ा। इनमें से एक बार तो समय से शुल्क लौटा पाए। दो बार इतना विलंब से शुल्क लौटाया गया कि कई अभ्यर्थियों के ड्राफ्ट की तिथि ही एक्सपायर हो गई। अब आवेदकों को इस बात की चिंता है कि कहीं दोबारा भर्ती प्रक्रिया रद्द न हो जाए।
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अब तक आए 2867 आवेदन
आयुर्वेद विवि की भर्ती में इस बार भी आवेदकों की भीड़ है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक 2867 ने आवेदन किया है। इसमें चिकित्साधिकारी के 927 आवेदन हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर संवर्ग में अधिकांश पदों पर 70 से 80 आवेदन आए हैं। नर्सिंग एवं तकनीकी संवर्ग के पदों पर भी 300 से अधिक आवेदन आए हैं। प्रोफेसर पदों पर 20 से अधिक आवेदन आए हैं। सीधी भर्ती या प्रतिनियुक्ति से भरे जाने वाले उप कुलसचिव के पद पर 15 आवेदन आए हैं।

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मान्यता पर आ सकता है संकट
आयुर्वेद विवि के हर्रावाला स्थित मुख्य परिसर के अलावा हरिद्वार स्थित गुरुकुल एवं ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर में फरवरी में सीसीआईएम की टीम निरीक्षण करने आएगी। निरीक्षण के दौरान टीम मुख्यतौर पर शिक्षक और अन्य कर्मचारियों की बाकायदा वीडियोग्राफी कराती है। अगर निरीक्षण के समय पदों के सापेक्ष पूरा स्टाफ नहीं मिलता है तो सीसीआईएम नए सत्र की बीएएमएस, बीयूएमएस कोर्स की मान्यता पर रोक लगा सकती है।
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