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इलाज के दौरान दो बहनों की मौत

Tue, 04 Jul 2017 10:27 PM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:27 PM IST
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इलाज के दौरान दो बहनों की मौत
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कोटद्वार। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में दो सगी बहनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। दो सगी बहनों की मौत से घर-परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, अस्पताल में इलाज कराने के बाद हुई दोनों मौत से परिजन भड़क उठे। उन्होंने डाक्टरों पर गलत उपचार का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। इस दौरान परिजनों ने सीएमएस के साथ धक्का-मुक्की भी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और किसी तरह लोगों कोे शांत कराया।
बिजनौर के शेरकोट निवासी धर्मेंद्र सिंह बालासौड़ गांव में किराए पर रहते हैं। वह कोटद्वार में रंगाई पुताई का काम करते हैं। उनकी बड़ी बेटी शिवानी (18) और छोटी बेटी संध्या (16) की मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त होने होने पर सुबह छह बजे दोनों को राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर ने दोनों को इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। दोपहर तक दोनों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो दिन में करीब ढाई बजे बड़ी बेटी शिवानी को फिर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच, दूसरी बेटी संध्या को भी इमरजेंसी में भर्ती कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे के उपचार के बाद संध्या ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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दोनों बेटियों की मौत से उनके परिचितों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आईएस सामंत पर महिलाएं बिफर पड़ीं। उन्होंने सीएमएस के साथ धक्का-मुक्की भी की। लोगों ने बीच-बचाव कर महिलाओं को हटाया। करीब एक घंटे तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया। कहा कि उनकी बेटियों का सही तरह से उपचार किया जाता तो उनकी मौत नहीं होती। उनका कहना था कि यदि लड़कियों की हालत ज्यादा खराब थी तो डाक्टरों को उन्हें घर नहीं भेजना चाहिए था। परिजनों का आरोप है कि दिन में जब उनकी एक बेटी की मौत हो गई तब दूसरी को रेफर करने की बात कही गई।
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क्या कहते हैं डाक्टर
सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि यह सस्पेक्टेड प्वॉइजनिंग का मामला है। उल्टी-दस्त से इस प्रकार की मौत नहीं होती। बहनों का इलाज कर करने वाले डा. विनियामिन अंसारी ने कहा कि इलाज के दौरान दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। उनको बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी।
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