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सेना ने मेडिकल कालेज के लिए मांगे आवेदन
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:47 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर भले ही अभी सेना के हैंडओवर नहीं हुआ है, लेकिन उप महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (सेना) की ओर से श्रीनगर मेडिकल कालेज में संकाय सदस्यों (फैकल्टी) की आवश्यकता के लिए सेवानिवृत्त आर्मी मेडिकल कोर के अफसरों को मैसेज भेजे गए हैं। उन्होंने इच्छुक रिटायर्ड अफसरों से 24 जून तक संपर्क करने को कहा है। सेना के इस कदम से लगभग साफ हो गया है कि सेना कालेज को लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को इसकी जानकारी नहीं है।
दरअसल श्रीनगर मेडिकल कालेज के हालात न सुधरने के कारण राज्य सरकार इसको सेना के हवाले करने जा रही है। सेना भी इसको आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कालेज बनाने की इच्छुक है। इसी क्रम में पिछले एक माह से कालेज में सेना के मेडिकल कोर और इंजीनियरिंग कोर के उच्चाधिकारी यहां का निरीक्षण कर चुके हैं। अभी कालेज का विधिवत हस्तांतरण होना शेष है।
इसी बीच डिप्टी डीजीएमएस (आर्मी) के स्तर से रिटायर्ड सैन्य मेडिकल अफसर को मेल भेजे गए हैं, जिसमें श्रीनगर मेडिकल कालेज में फैकल्टी की आवश्यकता का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यहां सीजीएचएस (सेंट्रल गर्वमेंट हेल्थ स्कीम) से ज्यादा वेतन मिल रहा है। सेवानिवृत्ति की उम्र 70 साल है। इच्छुक रिटायर्ड अफसरों से 24 जून तक अपनी सहमति देने को कहा गया है। नाम न बताने की शर्त पर मेडिकल कोर के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि सेना की ओर से सिर्फ रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों को मेल भेजी गई है। अभी कालेज सेना को हस्तांतरित नहीं हुआ है।
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मेडिकल कॉलेज में चर्चाओं का दौर
श्रीनगर। सेना की ओर से रिटायर्ड आर्मी मेडिकल कोर के अफसरों को आवश्यकता की मेल व्हाट्सएप पर वायरल हो रही है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य इससे संशय की स्थिति में हैं, क्योंकि कॉलेज में पूर्व से सेवा दे रहे संकाय सदस्यों के भविष्य के बारे में अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है।
.....
मुझे भी सुबह से इस संबंध में कई फोन आ चुके हैं। सेना की ओर से इस संबंध में हमें कोई सूचना नहीं दी गई है।
-प्रो. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड
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दरअसल श्रीनगर मेडिकल कालेज के हालात न सुधरने के कारण राज्य सरकार इसको सेना के हवाले करने जा रही है। सेना भी इसको आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कालेज बनाने की इच्छुक है। इसी क्रम में पिछले एक माह से कालेज में सेना के मेडिकल कोर और इंजीनियरिंग कोर के उच्चाधिकारी यहां का निरीक्षण कर चुके हैं। अभी कालेज का विधिवत हस्तांतरण होना शेष है।
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इसी बीच डिप्टी डीजीएमएस (आर्मी) के स्तर से रिटायर्ड सैन्य मेडिकल अफसर को मेल भेजे गए हैं, जिसमें श्रीनगर मेडिकल कालेज में फैकल्टी की आवश्यकता का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यहां सीजीएचएस (सेंट्रल गर्वमेंट हेल्थ स्कीम) से ज्यादा वेतन मिल रहा है। सेवानिवृत्ति की उम्र 70 साल है। इच्छुक रिटायर्ड अफसरों से 24 जून तक अपनी सहमति देने को कहा गया है। नाम न बताने की शर्त पर मेडिकल कोर के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि सेना की ओर से सिर्फ रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों को मेल भेजी गई है। अभी कालेज सेना को हस्तांतरित नहीं हुआ है।
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मेडिकल कॉलेज में चर्चाओं का दौर
श्रीनगर। सेना की ओर से रिटायर्ड आर्मी मेडिकल कोर के अफसरों को आवश्यकता की मेल व्हाट्सएप पर वायरल हो रही है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य इससे संशय की स्थिति में हैं, क्योंकि कॉलेज में पूर्व से सेवा दे रहे संकाय सदस्यों के भविष्य के बारे में अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है।
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मुझे भी सुबह से इस संबंध में कई फोन आ चुके हैं। सेना की ओर से इस संबंध में हमें कोई सूचना नहीं दी गई है।
-प्रो. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड