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महाकुंभ 2021 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में जुटे 13 अखाड़े, बैठक में रखे गए आठ प्रस्ताव

Sun, 16 Jun 2019 10:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 16 Jun 2019 10:32 AM IST
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13 akhara parishad meeting for haridwar Mahakumbh 2021 preparation
हरिद्वार - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

अखाड़ा परिषद ने अपनी बैठक में हरिद्वार के कुंभ के लिए आठ प्रस्ताव पारित किए हैं। हरिद्वार में यातायात की समस्याओं से निपटने के लिए कई फ्लाईओवर और रिंगरोड कुंभ से पहले बनाने की मांग की है। मायादेवी के मंदिर से अखाड़ा परिषद ने मांग की है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाई जाए।

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हिंदू राष्ट्र की कल्पना साकार करने के लिए छत्रपति शिवाजी के योगदान की सराहना की गई। बैठक में आठ सूत्री प्रस्ताव आज मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। शनिवार को मायादेवी प्रांगण में हुई बैठक में अखाड़ा परिषद ने हरिद्वार में यातायात के जाम को गंभीरता से लिया है। संतों ने कहा कि जब सामान्य मेले में व्यवस्था नहीं संभलती तो कुंभ में कैसे संभल पाएंगी। इसके लिए बहादराबाद से जमालपुर होते हुए लक्सर रोड पर फोरलेन बनाकर इसे नजीबाबाद रोड से जोड़ा जाए। चीला रोड को फोरलेन बनाकर फ्लाईओवर के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाए। सहारनपुर से बिहारीगढ़, सिडकुल और भेल होते हुए हरिद्वार तक और मनसा देवी पहाड़ के पीछे से मोतीचूर फ्लाईओवर तक फोरलेन सड़क बनाई जाए।
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अन्य प्रस्तावों में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए भूसमाधि के लिए भूमि देने की मांग की गई। गैर व्यवसायिक आश्रमों, मठों और मंदिरों को सभी तरह के करों से मुक्ति दी जाए। अन्य प्रस्ताव में उज्जैन, नासिक और प्रयाग कुंभ की भांति प्रत्येक अखाड़ों को पांच करोड़ की धनराशि अनुदान के रूप में देने का प्रस्ताव शामिल है। बैठक में निर्मल अखाड़ा में चल रहे भूमि विवाद की देर तक चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने की और संचालन महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने किया। बैठक में जूना अखाड़ा के श्रीमहंत नारायण गिरि, महेश पुरी, निरंजनी अखाड़ा के महंत रविंद्र पुरी, आशीष पुरी, आनंद अखाड़े के जगदीशा गिरि, दिनकर पुरी, आह्वान अखाड़े के सत्य गिरि, अग्नि अखाड़े के साधनानंद, बड़ा उदासीन अखाड़े के महंत व्यास मुनि, शिवानंद, निर्मल अखाड़े के श्रीमंहत ज्ञानदेव शास्त्री व नये अखाड़े के महंत भगतराम, जगतार मुनि ने भाग लिया। स्वास्थ्य खराब होने के चलते महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी बैठक में भाग नहीं ले पाए। बैठक में पारित सभी आठों प्रस्ताव रविवार को सीसीआर में मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपे जाएंगे। 

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हटाई जाए अनुच्छेद 370, शीघ्र बनाएं राम मंदिर

मायादेवी के मंदिर से अखाड़ा परिषद ने मांग की है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाई जाए। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण यथाशीघ्र शुरू कर हिंदुओं की भावनाओं को साकार किया जाए। इस संबंध में अखाड़ा परिषद शीघ्र ही दिल्ली में प्रधानमंत्री से भेंटकर उन्हें ज्ञापन देगी। 

अखाड़ा परिषद की ओर से केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी नई सरकार को शुभकामना संदेश भेजा गया। अखाड़ा परिषद की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि राम मंदिर प्रत्येक भारतवासी का सपना है। इस मंदिर के निर्माण में बहुत देर हो चुकी है। केंद्र सरकार मंदिर के रास्ते की सभी बाधाएं हटाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें। देश के हर हिंदू का सपना है कि राम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना कर सके। राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि ने कहा कि कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है। कश्मीर को कोई भी भारत से जुदा नहीं कर सकता। कश्मीर के समुचित विकास के लिए अनुच्छेद 370 एवं 35ए हटाए जाना बहुत जरूरी है।

हरि गिरि ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को शीघ्र कश्मीर ले जाकर वहां बसाया जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या का निराकरण करने के लिए सामाजिक समरसता की जरूरत है। कश्मीर का आम नागरिक शांतिपूर्वक जीवन बिताना चाहता है। कुछ अलगाववादी शक्तियां पाकिस्तान के इशारों पर कश्मीर का माहौल बिगाड़ रही हैं। जब तक कश्मीर को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना बहुत जरूरी है। 

हरिद्वार कुंभ को सफलता पूर्वक आयोजित करने का दबाव

उत्तर प्रदेश सरकार के इलाहाबाद में अर्द्धकुंभ के भव्य आयोजन के बाद उत्तराखंड सरकार पर हरिद्वार कुंभ को सफलता पूर्वक आयोजित करने का दबाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कह चुके हैं कि हरिद्वार महाकुंभ भी प्रयाग अर्द्धकुंभ से बढ़कर होगा।

इसके बाद त्रिवेंद्र सरकार ने सरकारी मशीनरी को भी महाकुंभ से संबंधित अवस्थापना विकास के लिए कमर कसने को कहा है। धर्मनगरी को यातायात के दबाव से बचाने और घाटों को सुविधा संपन्न बनाने की योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है। महाकुंभ से पहले हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाना है।

मुख्यमंत्री स्वयं महाकुंभ की तैयारियों की मानिटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से महाकुंभ के लिए आर्थिक मदद मांगी है। केंद्र से मिले आश्वासन के बाद अब मुख्यमंत्री हरिद्वार के साधु संतों के बीच पहुंच रहे हैं।

सरकार के सामने बड़ी दिक्कत यह है कि प्रयाग में आयोजन के लिए विशाल क्षेत्र उपलब्ध है, जबकि हरिद्वार में सीमित स्थान के भीतर सभी सुविधाओं को उपलब्ध करवाना है। इसके लिए अखाड़ों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। मुख्यमंत्री इसी उद्देश्य से साधु संतों के बीच जाकर उनको  तैयारियों से अवगत करवाने के साथ उनसे सुझाव लेंगे।

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