{"_id":"5bf5b404bdec22098d6af6a8","slug":"121542829060-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डालनवाला और धामावाला में बरकरार रहा किला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डालनवाला और धामावाला में बरकरार रहा किला
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नगर निगम क्षेत्र में डालनवाला, धामावाला, इंदिरापुरम, चंदर रोड समेत कई ऐसे वार्ड हैं, जहां बीते कई वर्षों से पार्षद और उनके परिवार का वर्चस्व रहा है। नगर निगम में चाहे किसी की भी सरकार हो, इनका दबदबा हमेशा कायम रहता है।
वार्ड 29 डालनवाला पूर्व की सीट की बात करें तो बीते 31 साल से पूर्व विधायक राजकुमार के परिवार के पास रही। चार बार वह खुद इस वार्ड से पार्षद रहे। एक बार उनकी साली बीना पार्षद रह चुकी हैं। इस बार उनका बेटा निखिल पार्षद बना है। उन्होंने 1500 से अधिक मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी। दूसरी ओर वार्ड 26 धामावाला से कांग्रेस प्रत्याशी नीनू सहगल तीसरी बार पार्षद बने। इससे पहले भी वह दो बार पार्षद रह चुके हैं। बीते नगर निगम बोर्ड में वह नेता प्रतिपक्ष भी थे, वहीं उनके पिता गोविंद सहगल वर्ष 1987 में सभासद रहे चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2008 में उनकी माता कमल सहगल भी इस सीट से पार्षद रह चुकी हैं। इसी तरह वार्ड 41 इंदिरापुरम से भाजपा प्रत्याशी आशा भाटी दूसरी बार पार्षद बनी हैं, जबकि इससे पहले उनके पति ओमेंद्र सिंह भाटी पार्षद रह चुके हैं। वहीं, वार्ड 47 चंदर रोड एमडीडीए कॉलोनी से कांग्रेस प्रत्याशी प्रवेश त्यागी ने जीत दर्ज की है। उनके पति आनंद त्यागी दो बार पार्षद रह चुके हैं। वार्ड आठ से भाजपा प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कठैत लगातार दूसरी बार पार्षद बनने में कामयाब रहे हैं। इससे पहले उनकी पत्नी संगीता कठैत पार्षद रह चुकी हैं।
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में डालनवाला, धामावाला, इंदिरापुरम, चंदर रोड समेत कई ऐसे वार्ड हैं, जहां बीते कई वर्षों से पार्षद और उनके परिवार का वर्चस्व रहा है। नगर निगम में चाहे किसी की भी सरकार हो, इनका दबदबा हमेशा कायम रहता है।
वार्ड 29 डालनवाला पूर्व की सीट की बात करें तो बीते 31 साल से पूर्व विधायक राजकुमार के परिवार के पास रही। चार बार वह खुद इस वार्ड से पार्षद रहे। एक बार उनकी साली बीना पार्षद रह चुकी हैं। इस बार उनका बेटा निखिल पार्षद बना है। उन्होंने 1500 से अधिक मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी। दूसरी ओर वार्ड 26 धामावाला से कांग्रेस प्रत्याशी नीनू सहगल तीसरी बार पार्षद बने। इससे पहले भी वह दो बार पार्षद रह चुके हैं। बीते नगर निगम बोर्ड में वह नेता प्रतिपक्ष भी थे, वहीं उनके पिता गोविंद सहगल वर्ष 1987 में सभासद रहे चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2008 में उनकी माता कमल सहगल भी इस सीट से पार्षद रह चुकी हैं। इसी तरह वार्ड 41 इंदिरापुरम से भाजपा प्रत्याशी आशा भाटी दूसरी बार पार्षद बनी हैं, जबकि इससे पहले उनके पति ओमेंद्र सिंह भाटी पार्षद रह चुके हैं। वहीं, वार्ड 47 चंदर रोड एमडीडीए कॉलोनी से कांग्रेस प्रत्याशी प्रवेश त्यागी ने जीत दर्ज की है। उनके पति आनंद त्यागी दो बार पार्षद रह चुके हैं। वार्ड आठ से भाजपा प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कठैत लगातार दूसरी बार पार्षद बनने में कामयाब रहे हैं। इससे पहले उनकी पत्नी संगीता कठैत पार्षद रह चुकी हैं।
विज्ञापन