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सोसायटी और एनजीओ को सौंपे जाएंगे 80 पार्क
Updated Thu, 01 Mar 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के पार्कों को रखरखाव के लिए हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ को सौंपने जा रहा है। प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अगस्त में शहर के 80 पार्क अलग-अलग एनजीओ और वेलफेयर सोसायटी को हस्तांतरित किए जाएंगे।
विकास प्राधिकरण के देहरादून शहर में 125 पार्क हैं। अधिकांश पार्क आवासीय क्षेत्रों में हैं। पार्कों के रखरखाव में प्राधिकरण का सालाना 60 लाख रुपये से अधिक बजट खर्च होता है। इसके बाद भी अधिकांश पार्क उजाड़ हैं। शराबियों और जुआरियों के अड्डे बने हैं। कइयों में आवारा जानवर घूमते हैं तो कई कूड़ा घर बन गए हैं। पार्कों की बदहाल स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण पार्कों को रखरखाव के लिए संस्थाओं को सौंपे जा रहा है।
प्राधिकरण के उद्यान अधिकारी केआर जोशी के मुताबिक पहले चरण में 80 पार्कों को वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ को सौंपे जाएंगे। इसके लिए हस्तांतरण अनुबंध किया जाएगा। पार्कों में किसी भी तरह की निजी एवं व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जाएंगी। पार्क सार्वजनिक होंगे। अगले चरण में बाकी पार्कों को भी हस्तांतरित किया जाएगा। वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ पार्कों का सुंदरीकरण कराएंगे। उद्यान अधिकारी ने बताया कि एमडीडीए कालोनियों के पार्कों का खुद एमडीडीए ही रखरखाव करेगा।
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मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के पार्कों को रखरखाव के लिए हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ को सौंपने जा रहा है। प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अगस्त में शहर के 80 पार्क अलग-अलग एनजीओ और वेलफेयर सोसायटी को हस्तांतरित किए जाएंगे।
विकास प्राधिकरण के देहरादून शहर में 125 पार्क हैं। अधिकांश पार्क आवासीय क्षेत्रों में हैं। पार्कों के रखरखाव में प्राधिकरण का सालाना 60 लाख रुपये से अधिक बजट खर्च होता है। इसके बाद भी अधिकांश पार्क उजाड़ हैं। शराबियों और जुआरियों के अड्डे बने हैं। कइयों में आवारा जानवर घूमते हैं तो कई कूड़ा घर बन गए हैं। पार्कों की बदहाल स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण पार्कों को रखरखाव के लिए संस्थाओं को सौंपे जा रहा है।
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प्राधिकरण के उद्यान अधिकारी केआर जोशी के मुताबिक पहले चरण में 80 पार्कों को वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ को सौंपे जाएंगे। इसके लिए हस्तांतरण अनुबंध किया जाएगा। पार्कों में किसी भी तरह की निजी एवं व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जाएंगी। पार्क सार्वजनिक होंगे। अगले चरण में बाकी पार्कों को भी हस्तांतरित किया जाएगा। वेलफेयर सोसायटी और एनजीओ पार्कों का सुंदरीकरण कराएंगे। उद्यान अधिकारी ने बताया कि एमडीडीए कालोनियों के पार्कों का खुद एमडीडीए ही रखरखाव करेगा।
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