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एनआईटी सुमाड़ी में नहीं बना तो होगा आंदोलन
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:03 PM IST
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पौड़ी। एनआईटी का स्थायी परिसर सुमाड़ी में न बनने पर प्रगतिशील जनमंच ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस बारे में मंच से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी सुशील कुमार से मिलकर ज्ञापन भी दिया। जिलाधिकारी ने अपने स्तर से सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बुधवार को मंच से जुड़े श्रीनगर और सुमाड़ी आदि स्थानों के लोग बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे। डीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि एनआईटी की घोषणा वर्ष 2009 में तत्कालीन सरकार ने सुमाड़ी के लिए की थी। 2010 से यह संस्थान श्रीनगर पालीटेक्निक में चल रहा है। सुमाड़ी में इसके लिए श्रीनगर तहसील द्वारा जरूरी 120 हेक्टेयर से अधिक जमीन भी संस्थान को ट्रांसफर की गई। भवन निर्माण के लिए कई पेड़ों का कटान भी हो चुका है, इसकी डीपीआर भी बन गई है, ऐसे में अब संस्थान को ऋषिकेश शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है। इस साजिश को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, श्रीनगर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी, केदार सिंह बिष्ट, शंकर सिंह पटवाल, पूर्व ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह रावत, हरि प्रसाद उप्रेेती, रामकृष्ण पुरी, एसपी भट्ट, हृदयराम कोटनाला, संजय कुमार घिल्डियाल, हर्षपति जुयाल, पीएल पांडे, शक्ति प्रसाद व जेपी पोखरियाल आदि शामिल रहे।
बुधवार को मंच से जुड़े श्रीनगर और सुमाड़ी आदि स्थानों के लोग बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे। डीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि एनआईटी की घोषणा वर्ष 2009 में तत्कालीन सरकार ने सुमाड़ी के लिए की थी। 2010 से यह संस्थान श्रीनगर पालीटेक्निक में चल रहा है। सुमाड़ी में इसके लिए श्रीनगर तहसील द्वारा जरूरी 120 हेक्टेयर से अधिक जमीन भी संस्थान को ट्रांसफर की गई। भवन निर्माण के लिए कई पेड़ों का कटान भी हो चुका है, इसकी डीपीआर भी बन गई है, ऐसे में अब संस्थान को ऋषिकेश शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है। इस साजिश को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, श्रीनगर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी, केदार सिंह बिष्ट, शंकर सिंह पटवाल, पूर्व ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह रावत, हरि प्रसाद उप्रेेती, रामकृष्ण पुरी, एसपी भट्ट, हृदयराम कोटनाला, संजय कुमार घिल्डियाल, हर्षपति जुयाल, पीएल पांडे, शक्ति प्रसाद व जेपी पोखरियाल आदि शामिल रहे।
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