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जनसुनवाई : 21 साल बाद भी राजस्व दस्तावेजों में नहीं चढ़ सका नाम
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Iजनसुनवाई में 120 शिकायतें प्राप्त हुईंI
डीएम सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई में 120 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकांश शिकायतें भूमि-विवाद, भूमि सीमांकन, वृद्धजनों, अतिक्रमण, आपसी विवाद, पेयजल, विद्युत आदि से संबंधित रही। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का गंभीरता के साथ निस्तारण किया जाए। विभागीय अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण अपने स्तर से भी करें, ताकि फरियादियों को अनावश्यक सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।
Iकेस एक-I
तहसील विकास नगर के अजीतनगर क्षेत्र में परिवार के सदस्यों ने कूटरचित तरीके से भूमि पर कब्जा कर लिया। उधर, ईस्ट होपटाउन में प्रापर्टी डीलर ने कई लोगों से धनराशि ले ली। इसके बाद भी उन्हें जमीन की रजिस्ट्री नहीं की। तहसील क्षेत्र के ही ग्राम छरबा में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया। इन सभी मामलों की शिकायत जनसुनवाई में डीएम सोनिका से की गई। जिलाधिकारी ने विकास नगर के एसडीएम को प्रकरणों में जांच के बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
केस दो- तहसील सदर से सामने आए एक प्रकरण में भूस्वामी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 में आयुक्त गढ़वाल मंडल ने राजस्व दस्तावेजों में जमीन उसके नाम चढ़ाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी अब तक उसके नाम जमीन नहीं की गई। डीएम ने कहा, मामला गंभीर है। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा।
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केस तीन- सहस्त्रधारा क्षेत्र से आए स्थानीय लोगों ने कहा, सहसस्त्रधारा में बिल्डर कई बड़े आवासीय भवन बना रहे हैं। ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में एसटीपी लगाना अनिवार्य है। यहां पर बिल्डर एसटीपी तो लगा रहे हैं, लेकिन मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो रहा है। डीएम ने एमडीडीए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमानुसार सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
Iयह रहे मौजूदI
जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामजीशरण शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर नंदन कुमार, उप जिलाधिकारी हरि गिरी गोस्वामी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई में 120 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकांश शिकायतें भूमि-विवाद, भूमि सीमांकन, वृद्धजनों, अतिक्रमण, आपसी विवाद, पेयजल, विद्युत आदि से संबंधित रही। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का गंभीरता के साथ निस्तारण किया जाए। विभागीय अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण अपने स्तर से भी करें, ताकि फरियादियों को अनावश्यक सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।
Iकेस एक-I
तहसील विकास नगर के अजीतनगर क्षेत्र में परिवार के सदस्यों ने कूटरचित तरीके से भूमि पर कब्जा कर लिया। उधर, ईस्ट होपटाउन में प्रापर्टी डीलर ने कई लोगों से धनराशि ले ली। इसके बाद भी उन्हें जमीन की रजिस्ट्री नहीं की। तहसील क्षेत्र के ही ग्राम छरबा में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया। इन सभी मामलों की शिकायत जनसुनवाई में डीएम सोनिका से की गई। जिलाधिकारी ने विकास नगर के एसडीएम को प्रकरणों में जांच के बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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केस दो- तहसील सदर से सामने आए एक प्रकरण में भूस्वामी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 में आयुक्त गढ़वाल मंडल ने राजस्व दस्तावेजों में जमीन उसके नाम चढ़ाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी अब तक उसके नाम जमीन नहीं की गई। डीएम ने कहा, मामला गंभीर है। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा।
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केस तीन- सहस्त्रधारा क्षेत्र से आए स्थानीय लोगों ने कहा, सहसस्त्रधारा में बिल्डर कई बड़े आवासीय भवन बना रहे हैं। ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में एसटीपी लगाना अनिवार्य है। यहां पर बिल्डर एसटीपी तो लगा रहे हैं, लेकिन मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो रहा है। डीएम ने एमडीडीए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमानुसार सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
Iयह रहे मौजूदI
जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामजीशरण शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर नंदन कुमार, उप जिलाधिकारी हरि गिरी गोस्वामी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।