अंधड़-ओलों से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, 12 साल के किशोर की मौत
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कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में बृहस्पतिवार रात आए तेज अंधड़, शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि से फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। अंधड़ से बागेश्वर जिले में एक मकान की छत उड़ गई और चार आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
लोहाघाट में भी कई मकानों की छतें उड़ गईं। बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से वहां बिजली सप्लाई करीब 11 घंटे बाधित रही। बिजली गिरने से बागेश्वर के लोब गांव में 12 साल के एक किशोर की मौत हो गई। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कैलाश यात्रा मार्ग बर्फ से पट गया है।
नामिक गांव में बृहस्पतिवार रात आए बर्फीले तूफान से दो मकान पूरी तरह तो करीब 25 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। आसपास के जंगलों में सैकड़ों पेड़ टूटने की सूचना है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि शनिवार को भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन बारिश की रफ्तार में अब कमी आ जाएगी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिलहाल हिमपात की संभावना बनी रहेगी। पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार सुबह तक बारिश और ओलावृष्टि होती रही।
ओलावृष्टि काश्तकारों पर कहर बनकर टूटी
मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात जारी रहा। तल्ला जोहार इलाके में ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के नामिक गांव में बृहस्पतिवार रात करीब 12.30 बजे बर्फीले तूफान से 25 मकान आंशिक और दो मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सुबह ग्रामीणों ने गिरगांव आकर पटवारी को दी है।
उधर आईटीबीपी से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा के पैदल मार्ग पर भारी हिमपात हुआ है। इससे यात्रा की तैयारियों में लगी एजेंसियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ जाएगा। छियालेख से लिपुलेख तक 40 किमी के दायरे में तीन से दस फुट तक बर्फ जमा हो गई है।
अल्मोड़ा जिले के रानीखेत, द्वाराहाट और चौखुटिया इलाके में शुक्रवार की दोपहर ओलावृष्टि काश्तकारों पर कहर बनकर टूटी। उपमंडल क्षेत्र में फल, सब्जी और अनाज की फसल ओलावृष्टि के चलते पूरी तरह से तबाह हो गई। ओलों के कारण पूरे क्षेत्र ने सफेद चादर सी ओढ़ ली।
दूनागिरि, चौखुटिया, चांदीखेत, तड़ागताल, खीड़ा, धौलछीना में ओलों से भारी नुकसान हुआ है। बागेश्वर जिले में अंधड़ से कपकोट के तोली गांव में एक मकान की छत उड़ गई जबकि गरुड़ क्षेत्र में चार मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। कपकोट में बिजली की लाइन में पेड़ गिरने से ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बदियाकोट और पिंडरघाटी में ओलों से खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो गई हैं।
इन फसलों को नुकसान
चंपावत जिले में लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, गुमदेश, रीठा साहिब, धौन, अमोड़ी, स्वांला, कोटकेंद्री, सेलागाड़, कालीगूंठ सहित पूर्णागिरि क्षेत्र में ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी। अंधड़ से अस्पताल कालोनी समेत कई मकानों की छतें उड़ गईं। लोहाघाट में करीब 11 घंटे बिजली गुल रही। इस कारण पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा।
भीमताल इलाके में बृहस्पतिवार रात तेज अंधड़ से दो विशालकाय पेड़ टूटकर गहलना ग्रामसभा में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन पर आ गिरे। इससे विद्यालय परिसर में स्थित मिड डे मील की रसोई और शौचालय समेत भवन का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इन फसलों को नुकसान
माल्टा, नींबू, आडू, खुबानी, प्लम के पेड़ों पर आ रहे फूल तबाह हो गए। धनिया, मटर, मूली, लहसुन, प्याज आदि की फसल नष्ट हो गई। शिमला मिर्च, बैगन, गोभी, कद्दू आदि के पौधों के अलावा मेथी, पालक को भी काफी नुकसान पहुंचा है। लीची और आम के बौर ओलों की मार से गिर गए हैं।
यहां रही बिजली गुल
लोहाघाट में 11 घंटे बिजली गुल रहने से पेयजल व्यवस्था भी हुई प्रभावित, कपकोट में लाइन पर पेड़ गिरने से ठप हुई बिजली सप्लाई।