119 दरोगाओं के प्रमोशन का रास्ता साफ, रेंकर को झटका
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उत्तराखंड में तीन साल से अटकी दारोगाओं के प्रमोशन की राह की बड़ी बाधा दूर हो गई है। सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग ने रेंकर दारोगाओं की वरिष्ठता को नकारते हुए फाइल मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए भेज दी है। यदि यह मामला अदालत में नहीं गया तो जल्द ही 119 दारोगाओं के इंस्पेक्टर बनने का सपना साकार हो जाएगा।
प्रदेश में 2014 के बाद से दारोगाओं के प्रमोशन नहीं हो पाए है, जबकि इंस्पेक्टर प्रोन्नति पाकर पुलिस उपाधीक्षक बन गए। इस कारण इंस्पेक्टरों का टोटा हो गया है। सीधी भर्ती के दारोगाओं और रेंकर दारोगाओं में वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा है।
पहले तो यह मामला अदालत में विचाराधीन रहा, लेकिन डीजीपी बीएस सिद्धू ने सेवानिवृत्त होने से पहले यूपी के समय में 1999 में परीक्षा देने वाले रेंकर दारोगाओं को 2001 की वरिष्ठता प्रदान कर दी थी, जबकि उनकी ट्रेनिंग 2007-08 में हुई थी। सीधी भर्ती के दारोगाओं ने राष्ट्रपति शासन में पुलिस मुख्यालय के फैसले को नियम विरुद्ध बताया था।
एक दो दिन में लग सकती है सीएम की मोहर
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने आदेश को निरस्त करते हुए पूरे मामले की पत्रावली तलब की थी। कई माह की माथापच्ची के बाद पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी गई थी।
पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी उसके अनुसार रेंकर दारोगाओं को नियमानुसार 2008 की वरिष्ठता दिए जाने की वकालत की थी। सूत्रों की माने तो काफी मंथन के बाद गृह विभाग ने रेंकर दारोगाओं की 2008 वरिष्ठता को मानते हुए मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए फाइल भेज दी है।
एक दो दिन में इस फैसले पर सीएम की मोहर लगने की उम्मीद है। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि सीएम के अनुमोदन के बाद दारोगाओं के प्रमोशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उधर इससे असंतुष्ट दारोगा एक बार फिर इस मामले में कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
Published By: Vivek Singh