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फील्ड कर्मचारियों ने लगाया षड़यंत्र रचने का आरोप
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जल निगम जल संस्थान के फील्ड कर्मचारियों ने मांगों का निस्तारण करने में पेयजल निगम प्रशासन पर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है। इस बाबत जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन उत्तरांचल (सीटू) की ओर से मंगलवार को मोहिनी रोड स्थित पेयजल निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि 50 वर्ष से अधिक की उम्र के कर्मचारियों को सेवानिवृत्त वाले शासनादेश की आड़ में फील्ड कर्मचारियों को ही चयनित किया गया है। विभाग में 50 की उम्र से अधिक के कई अधिकारी भी अक्षम हैं, लेकिन उन्हें शासनादेश के दायरे से बाहर रखा गया है। सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेश कुमार गोला कहा कि 50 वर्ष से अधिक अक्षम कर्मचारियों और अधिकारियों के सेवानिवृत्त के शासनादेश पर निगम प्रशासन की ओर से समिति का गठन किया गया था, लेकिन समिति की ओर से फील्ड कर्मचारियों को ही चयनित किया गया। इससे 482 फील्ड कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत के चलते फील्ड कर्मचारियों के प्रति षड़यंत्र रचा जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2014 से दिसंबर 2018 तक पेयजल निगम से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों व कर्मचारियों का ग्रेज्युटी, राशिकरण, नगदीकरण, छटे व सातवें वेतनमान के एरियर व अन्य अवशेषों का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द मांग पूरी नहीं की गई तो सीटू की ओर से 11 फरवरी से पेयजल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पितांबर दत्त लोहनी, देवेंद्र सिंह फर्त्याल, आनंद सिंह राजपूत, हरेंद्र बर्थवाल, विरेंद्र सिंह बिष्ट, चिरंजी डोभाल, प्रताप सिंह रावत, जिया लाल, कीर्ति सिंह, श्याम सिंह, रमेश सैनी, चंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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जल निगम जल संस्थान के फील्ड कर्मचारियों ने मांगों का निस्तारण करने में पेयजल निगम प्रशासन पर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है। इस बाबत जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन उत्तरांचल (सीटू) की ओर से मंगलवार को मोहिनी रोड स्थित पेयजल निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि 50 वर्ष से अधिक की उम्र के कर्मचारियों को सेवानिवृत्त वाले शासनादेश की आड़ में फील्ड कर्मचारियों को ही चयनित किया गया है। विभाग में 50 की उम्र से अधिक के कई अधिकारी भी अक्षम हैं, लेकिन उन्हें शासनादेश के दायरे से बाहर रखा गया है। सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेश कुमार गोला कहा कि 50 वर्ष से अधिक अक्षम कर्मचारियों और अधिकारियों के सेवानिवृत्त के शासनादेश पर निगम प्रशासन की ओर से समिति का गठन किया गया था, लेकिन समिति की ओर से फील्ड कर्मचारियों को ही चयनित किया गया। इससे 482 फील्ड कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत के चलते फील्ड कर्मचारियों के प्रति षड़यंत्र रचा जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2014 से दिसंबर 2018 तक पेयजल निगम से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों व कर्मचारियों का ग्रेज्युटी, राशिकरण, नगदीकरण, छटे व सातवें वेतनमान के एरियर व अन्य अवशेषों का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द मांग पूरी नहीं की गई तो सीटू की ओर से 11 फरवरी से पेयजल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पितांबर दत्त लोहनी, देवेंद्र सिंह फर्त्याल, आनंद सिंह राजपूत, हरेंद्र बर्थवाल, विरेंद्र सिंह बिष्ट, चिरंजी डोभाल, प्रताप सिंह रावत, जिया लाल, कीर्ति सिंह, श्याम सिंह, रमेश सैनी, चंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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