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मदरसों को आवंटित की जाए अनुदान राशि
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
प्रदेश के मान्यता प्राप्त मदरसों को विद्यालय विकास अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को संसाधनों के अभाव से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को जमीयत उलेमा ने राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा मीरा यादव को ज्ञापन भेजकर सभी मदरसों को लंबित अनुदान राशि के भुगतान की मांग की।
उलेमा के महासचिव मौलाना रेहान गनी ने बताया कि वर्ष 2013 से ही सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को विद्यालय विकास अनुदान राशि का भुगतान समय पर किया जा रहा था। लेकिन, वर्तमान सत्र में सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों को अनुदान राशि का भुगतान किया गया, लेकिन मान्यता प्राप्त मदरसों को इससे वंचित रखा गया है। मदरसों को अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से मदरसों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। वर्तमान सत्र से शिक्षण संस्थानों को छात्र संख्या के अनुपात में अनुदान राशि का भुगतान करने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत चौदह छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को साढ़े बारह हजार, पंद्रह से सौ छात्र संख्या पर अनुदान राशि 25 हजार कर दी गई है। जबकि दो सौ पचास छात्र संख्या पर पचास हजार, दो सौ पचास से लेकर एक हजार तक छात्र संख्या पर 75 हजार व एक हजार से अधिक छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को एक लाख की अनुदान राशि दिए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की भांति सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को अनुदान राशि का भुगतान किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मौलाना बुरहानुद्दीन कासमी, मौलाना इफ्तिकार, मौलाना आबिद आदि के हस्ताक्षर हैं।
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प्रदेश के मान्यता प्राप्त मदरसों को विद्यालय विकास अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को संसाधनों के अभाव से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को जमीयत उलेमा ने राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा मीरा यादव को ज्ञापन भेजकर सभी मदरसों को लंबित अनुदान राशि के भुगतान की मांग की।
उलेमा के महासचिव मौलाना रेहान गनी ने बताया कि वर्ष 2013 से ही सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को विद्यालय विकास अनुदान राशि का भुगतान समय पर किया जा रहा था। लेकिन, वर्तमान सत्र में सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों को अनुदान राशि का भुगतान किया गया, लेकिन मान्यता प्राप्त मदरसों को इससे वंचित रखा गया है। मदरसों को अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से मदरसों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। वर्तमान सत्र से शिक्षण संस्थानों को छात्र संख्या के अनुपात में अनुदान राशि का भुगतान करने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत चौदह छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को साढ़े बारह हजार, पंद्रह से सौ छात्र संख्या पर अनुदान राशि 25 हजार कर दी गई है। जबकि दो सौ पचास छात्र संख्या पर पचास हजार, दो सौ पचास से लेकर एक हजार तक छात्र संख्या पर 75 हजार व एक हजार से अधिक छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को एक लाख की अनुदान राशि दिए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की भांति सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को अनुदान राशि का भुगतान किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मौलाना बुरहानुद्दीन कासमी, मौलाना इफ्तिकार, मौलाना आबिद आदि के हस्ताक्षर हैं।
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