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नहीं शुरू हो सका बल्लीवाला फ्लाईओवर का चौड़ीकरण
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बल्लीवाला फ्लाईओवर के चौड़ीकरण का कार्य पांच महीने बाद भी नहीं शुरू हो सका है। फिजिबिलिटी स्टडी के बाद कंसलटेंट कंपनी ने लोनिवि राजमार्ग यूनिट को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद शासन को 110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक शासन से कोई स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
मार्च में हाईकोर्ट ने बल्लीवाला फ्लाईओवर के चौड़ीकरण के आदेश दिए थे। इसके बाद लोनिवि राजमार्ग यूनिट ने टेक्निकल कंसलटेंसी सर्विसेज को कंसलटेंट नियुक्त किया था। टीम ने जमीन के अधिग्रहण, विद्युत लाइन शिफ्ट करने समेत बल्लूपुर से जीएमएस रोड की ओर फ्लाईओवर के दांयी ओर चौड़ाई में आने वाले खर्च का आंकलन किया। इसके तहत फ्लाईओवर के चौड़ीकरण में 110 करोड़ रुपये खर्च आने की बात कही गई। कंसलटेंट रमेश जोशी ने बताया कि उन्होंने जमीन के अधिग्रहण, क्षेत्र की स्थिति और उस पर आने वाली लागत को लेकर रिपोर्ट लोनिवि राजमार्ग यूनिट को सौंप दी थी। वहीं, लोनिवि राजमार्ग यूनिट ने भी परीक्षण के बाद शासन को प्रस्ताव भेज दिया था, लेकिन अभी तक सहमति नहीं मिलने के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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कंसलटेंट की ओर से फिजिबिलिटी स्टडी के बाद रिपोर्ट दे दी गई थी। महकमे ने भी परीक्षण के बाद 110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। वहां से सहमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता, लोनिवि राजमार्ग यूनिट
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बल्लीवाला फ्लाईओवर के चौड़ीकरण का कार्य पांच महीने बाद भी नहीं शुरू हो सका है। फिजिबिलिटी स्टडी के बाद कंसलटेंट कंपनी ने लोनिवि राजमार्ग यूनिट को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद शासन को 110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक शासन से कोई स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
मार्च में हाईकोर्ट ने बल्लीवाला फ्लाईओवर के चौड़ीकरण के आदेश दिए थे। इसके बाद लोनिवि राजमार्ग यूनिट ने टेक्निकल कंसलटेंसी सर्विसेज को कंसलटेंट नियुक्त किया था। टीम ने जमीन के अधिग्रहण, विद्युत लाइन शिफ्ट करने समेत बल्लूपुर से जीएमएस रोड की ओर फ्लाईओवर के दांयी ओर चौड़ाई में आने वाले खर्च का आंकलन किया। इसके तहत फ्लाईओवर के चौड़ीकरण में 110 करोड़ रुपये खर्च आने की बात कही गई। कंसलटेंट रमेश जोशी ने बताया कि उन्होंने जमीन के अधिग्रहण, क्षेत्र की स्थिति और उस पर आने वाली लागत को लेकर रिपोर्ट लोनिवि राजमार्ग यूनिट को सौंप दी थी। वहीं, लोनिवि राजमार्ग यूनिट ने भी परीक्षण के बाद शासन को प्रस्ताव भेज दिया था, लेकिन अभी तक सहमति नहीं मिलने के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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कंसलटेंट की ओर से फिजिबिलिटी स्टडी के बाद रिपोर्ट दे दी गई थी। महकमे ने भी परीक्षण के बाद 110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। वहां से सहमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता, लोनिवि राजमार्ग यूनिट