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जन संवाद यात्रा में 2200 किमी दूर की तय
Updated Sat, 27 Oct 2018 02:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गैरसैंण संघर्ष समिति की ओर से स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर पंचेश्वर से उत्तरकाशी तक आयोजित जन संवाद यात्रा में 2200 किमी की दूरी तय की गई। समिति ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। मांग को लेकर प्रदेश में बड़े जनांदोलन की तैयारी की जा रही है। वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की जयंती पर 25 दिसंबर को बड़ी रैली निकाली जाएगी।
शुक्रवार को परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब में पत्रकाराें से बातचीत में यात्रा संयोजक चारु तिवारी ने बताया कि पंचेश्वर, चंपावत से शुरू हुई यात्रा 2200 किमी का सफर तय करने के बाद 25 अक्तूबर को उत्तरकाशी में समाप्त हुई। यात्रा में पहाड़ के सभी पर्वतीय जिलों में पचास से ज्यादा सभाएं आयोजित की गईं। यात्रा पंचेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़, झूलाघाट, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बागेश्वर, बैजनाथ, अल्मोड़ा, नैनीताल, रामनगर, मरचूला, धूमाकोट, मौल्याखाल, भिकियासैंण, द्वारहाट, चौखुटिया, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट, गोपेश्वर, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, श्रीनगर, टिहरी, चंबा होते हुए उत्तरकाशी पहुंची।
आंदोलनकारी प्रदीप सती ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भयंकर संकट है। पत्रकार वार्ता में आंदोलनकारी मोहित डिमरी, नारायण बिष्ट, मुकुल भट्ट, जयदीप सकलानी, सतीश धौलाखंडी, जगमोहन मेंदीरत्ता, विनोद बगियाल, शंकर सिंह भाटिया आदि मौजूद रहे।
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गैरसैंण संघर्ष समिति की ओर से स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर पंचेश्वर से उत्तरकाशी तक आयोजित जन संवाद यात्रा में 2200 किमी की दूरी तय की गई। समिति ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। मांग को लेकर प्रदेश में बड़े जनांदोलन की तैयारी की जा रही है। वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की जयंती पर 25 दिसंबर को बड़ी रैली निकाली जाएगी।
शुक्रवार को परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब में पत्रकाराें से बातचीत में यात्रा संयोजक चारु तिवारी ने बताया कि पंचेश्वर, चंपावत से शुरू हुई यात्रा 2200 किमी का सफर तय करने के बाद 25 अक्तूबर को उत्तरकाशी में समाप्त हुई। यात्रा में पहाड़ के सभी पर्वतीय जिलों में पचास से ज्यादा सभाएं आयोजित की गईं। यात्रा पंचेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़, झूलाघाट, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बागेश्वर, बैजनाथ, अल्मोड़ा, नैनीताल, रामनगर, मरचूला, धूमाकोट, मौल्याखाल, भिकियासैंण, द्वारहाट, चौखुटिया, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट, गोपेश्वर, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, श्रीनगर, टिहरी, चंबा होते हुए उत्तरकाशी पहुंची।
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आंदोलनकारी प्रदीप सती ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भयंकर संकट है। पत्रकार वार्ता में आंदोलनकारी मोहित डिमरी, नारायण बिष्ट, मुकुल भट्ट, जयदीप सकलानी, सतीश धौलाखंडी, जगमोहन मेंदीरत्ता, विनोद बगियाल, शंकर सिंह भाटिया आदि मौजूद रहे।
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