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समृद्धि एवं गौरवशाली है जैन धर्म का इतिहास : नरेश चंद
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जैन धर्म अनादि और अनंत है। जैन धर्म का इतिहास भी बेहद गौरवशाली है। इतिहास के प्रत्येक काल में कोई न कोई शासक जैन धर्म का रहा है। यह बातें रविवार को भारतीय जैन मिलन क्षेत्रीय कार्यकारिणी की ओर से गांधी रोड स्थित जैन मिलन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहीं।
भारतीय जैन मिलन समाज के राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चंद जैन ने कहा कि यह वर्ष ‘जैन गौरव स्मृति वर्ष’ घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। इतिहास गवाह है कि राजा खारवेल, राजा चामुंड राय, राजा संप्रति जैन, दानवीर भामाशाह और गांधी जी को प्रेरणा देने वाले प्रमुख समाजसेवी रायचंद जैन ही थे। देश के महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई भी जैन थे। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने महापुरुषों को भूल जाता है वह समाज और परिवार पूरी तरह नष्ट हो जाता है। इस दौरान उन्होंने देश में जैनियों की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई। ऐसे में जैन समाज को एक सूत्र में बांधकर मजबूती का संकल्प लेना होगा। कार्यकारी अध्यक्ष अजय ने पदाधिकारियों की कर्तव्यों और दायित्व बताए। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार जैन व क्षेत्रीय मंत्री डॉ. संजीव कुमार जैन ने जैन एकता पर जोर दिया और सभी शाखाओं से जैन गौरव स्मृति वर्ष में बढ़ चढ़कर कार्य करने का आह्वान किया। इससे पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चंद जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार जैन, क्षेत्रीय मंत्री डॉ. संजीव कुमार जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जैन मिलन महिला एकता से जुड़ी महिलाओं ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार, संदीप जैन, वीना जैन, शिल्पा जैन, मनोज जैन, सुधीर जैन, अलका जैन, शेफाली, गोपाल सिंघल, अंजू जैन, राहुल जैन समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
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जैन धर्म अनादि और अनंत है। जैन धर्म का इतिहास भी बेहद गौरवशाली है। इतिहास के प्रत्येक काल में कोई न कोई शासक जैन धर्म का रहा है। यह बातें रविवार को भारतीय जैन मिलन क्षेत्रीय कार्यकारिणी की ओर से गांधी रोड स्थित जैन मिलन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहीं।
भारतीय जैन मिलन समाज के राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चंद जैन ने कहा कि यह वर्ष ‘जैन गौरव स्मृति वर्ष’ घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। इतिहास गवाह है कि राजा खारवेल, राजा चामुंड राय, राजा संप्रति जैन, दानवीर भामाशाह और गांधी जी को प्रेरणा देने वाले प्रमुख समाजसेवी रायचंद जैन ही थे। देश के महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई भी जैन थे। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने महापुरुषों को भूल जाता है वह समाज और परिवार पूरी तरह नष्ट हो जाता है। इस दौरान उन्होंने देश में जैनियों की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई। ऐसे में जैन समाज को एक सूत्र में बांधकर मजबूती का संकल्प लेना होगा। कार्यकारी अध्यक्ष अजय ने पदाधिकारियों की कर्तव्यों और दायित्व बताए। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार जैन व क्षेत्रीय मंत्री डॉ. संजीव कुमार जैन ने जैन एकता पर जोर दिया और सभी शाखाओं से जैन गौरव स्मृति वर्ष में बढ़ चढ़कर कार्य करने का आह्वान किया। इससे पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चंद जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार जैन, क्षेत्रीय मंत्री डॉ. संजीव कुमार जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जैन मिलन महिला एकता से जुड़ी महिलाओं ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार, संदीप जैन, वीना जैन, शिल्पा जैन, मनोज जैन, सुधीर जैन, अलका जैन, शेफाली, गोपाल सिंघल, अंजू जैन, राहुल जैन समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
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