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चार साल में 10 बार डीपीसी, नहीं हुई पदोन्नति
Updated Wed, 30 May 2018 02:11 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड परिवहन निगम में अफसरों की पदोन्नति को लेकर पिछले चार साल में विभागीय प्रोन्नत कमेटी (डीपीसी) की 10 बार बैठक हुई। लेकिन अफसरों को पदोन्नति दिए जाने पर फैसला नहीं हो सका। आरटीआई के तहत एक व्यक्ति के जानकारी मांगे जाने पर परिवहन मुख्यालय ने यह जानकारी दी है।
परिवहन निगम में महाप्रबंधक संचालन, मानव संसाधन और वित्त समेत तीन पद , उप महाप्रबंधक संचालन और मानव संसाधन के दो पदों समेत 19 पद खाली हैं। जिसमें से पांच पदों पर सीधी भर्ती के जरिए अफसरों को भर्ती किया जाना है। जबकि 14 अफसरों को विभागीय स्तर पर पदोन्नति देनी है। आरटीआई कार्यकर्ता करन जोशी को आरटीआई के तहत मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक परिवहन सचिव व प्रबंध निदेशक की मौजूदगी में 8 अप्रैल 2014, 22 मार्च 2014, आठ जुलाई 2014, 10 जुलाई 2014, 17 जुलाई 2014, 22 अगस्त 2014, दो अगस्त 2014, चार फरवरी 2015, छह अप्रैल 2018 और 12 अप्रैल 2018 को डीपीसी की बैठक बुलाई गई। लेकिन दस बैठकों के बाद भी अफसरों की पदोन्नति पर कोई फैसला नहीं हो सका। वहीं, विभागीय सूत्रों की माने तो 12 अप्रैल 2018 को भी डीपीसी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें महज तीन अफसरों की पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जा सका। अफसरों की पदोन्नति न होने से कई पद निगम में खाली पड़े हैं। जिससे निगम का कामकाज प्रभावित हो रहा है। उधर, निगम सूत्रों का कहना है कि पदोन्नति न होने से नाराज कुछ अफसर दोबारा अदालत जाने की तैयारी में है। दूसरी ओर प्रबंध निदेशक बीके संत का कहना है कि डीपीसी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी और अफसरों की पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
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उत्तराखंड परिवहन निगम में अफसरों की पदोन्नति को लेकर पिछले चार साल में विभागीय प्रोन्नत कमेटी (डीपीसी) की 10 बार बैठक हुई। लेकिन अफसरों को पदोन्नति दिए जाने पर फैसला नहीं हो सका। आरटीआई के तहत एक व्यक्ति के जानकारी मांगे जाने पर परिवहन मुख्यालय ने यह जानकारी दी है।
परिवहन निगम में महाप्रबंधक संचालन, मानव संसाधन और वित्त समेत तीन पद , उप महाप्रबंधक संचालन और मानव संसाधन के दो पदों समेत 19 पद खाली हैं। जिसमें से पांच पदों पर सीधी भर्ती के जरिए अफसरों को भर्ती किया जाना है। जबकि 14 अफसरों को विभागीय स्तर पर पदोन्नति देनी है। आरटीआई कार्यकर्ता करन जोशी को आरटीआई के तहत मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक परिवहन सचिव व प्रबंध निदेशक की मौजूदगी में 8 अप्रैल 2014, 22 मार्च 2014, आठ जुलाई 2014, 10 जुलाई 2014, 17 जुलाई 2014, 22 अगस्त 2014, दो अगस्त 2014, चार फरवरी 2015, छह अप्रैल 2018 और 12 अप्रैल 2018 को डीपीसी की बैठक बुलाई गई। लेकिन दस बैठकों के बाद भी अफसरों की पदोन्नति पर कोई फैसला नहीं हो सका। वहीं, विभागीय सूत्रों की माने तो 12 अप्रैल 2018 को भी डीपीसी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें महज तीन अफसरों की पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जा सका। अफसरों की पदोन्नति न होने से कई पद निगम में खाली पड़े हैं। जिससे निगम का कामकाज प्रभावित हो रहा है। उधर, निगम सूत्रों का कहना है कि पदोन्नति न होने से नाराज कुछ अफसर दोबारा अदालत जाने की तैयारी में है। दूसरी ओर प्रबंध निदेशक बीके संत का कहना है कि डीपीसी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी और अफसरों की पदोन्नति के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
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