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शहरवासियों को गांव लाएगा सुबेर मॉडल
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पहाड़ से पलायन रोकने और शहरवासियों को गांवों तक ले जाने का काम अब सुबेर मॉडल करेगा। इसके तहत फार्मर मोबाइल एप से खेती का काम आसान होगा। सोमवार को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने इस एप का शुभारंभ करते हुए कहा कि कृषि और शिक्षा के जरिये ही प्रदेश से पलायन रोका जा सकता है।
सोमवार को सुबेेर संस्था की ओर से सुबेर मॉडल की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने फार्मर एप का बटन दबाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं की ‘पलायन रोक’ सोच को अच्छा कदम बताया। सुबेर संस्था के नीरज पोखरियाल ने तीन सत्राें में सुबेर मॉडल को समझाया। उन्होंने कहा कि जहां पहाड़ों के गांवों की बंजर जमीनों को दोबारा उपजाकर खेती लायक बनाया जाएगा वहीं एप की मदद से शहर में रहकर भी लोग खेती से जुड़े रहेंगे। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् जगदंबा प्रसाद मैठानी ने युवाओं की इस पहल की सराहना की। उन्होंने निंरतर गांव से जुड़े युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी। इस मौके पर डॉ.नवीन आनंद, टीम सुबेर के प्रदीप खंडूरी, विनय अरोरा, ईशान बवेजा, आशीष पंवार, सुभाषिनी बिंजोला आदि मौजूद रहे।
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पहाड़ से पलायन रोकने और शहरवासियों को गांवों तक ले जाने का काम अब सुबेर मॉडल करेगा। इसके तहत फार्मर मोबाइल एप से खेती का काम आसान होगा। सोमवार को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने इस एप का शुभारंभ करते हुए कहा कि कृषि और शिक्षा के जरिये ही प्रदेश से पलायन रोका जा सकता है।
सोमवार को सुबेेर संस्था की ओर से सुबेर मॉडल की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने फार्मर एप का बटन दबाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं की ‘पलायन रोक’ सोच को अच्छा कदम बताया। सुबेर संस्था के नीरज पोखरियाल ने तीन सत्राें में सुबेर मॉडल को समझाया। उन्होंने कहा कि जहां पहाड़ों के गांवों की बंजर जमीनों को दोबारा उपजाकर खेती लायक बनाया जाएगा वहीं एप की मदद से शहर में रहकर भी लोग खेती से जुड़े रहेंगे। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् जगदंबा प्रसाद मैठानी ने युवाओं की इस पहल की सराहना की। उन्होंने निंरतर गांव से जुड़े युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी। इस मौके पर डॉ.नवीन आनंद, टीम सुबेर के प्रदीप खंडूरी, विनय अरोरा, ईशान बवेजा, आशीष पंवार, सुभाषिनी बिंजोला आदि मौजूद रहे।
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