{"_id":"5aa6dcbd4f1c1bc1758b523d","slug":"11520884925-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ उतरे बुकसेलर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ उतरे बुकसेलर
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश के विद्यालयों में एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ बुकसेलर्स ने सोमवार को गांधी पार्क के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पुस्तकें लागू किए जाने के निर्णय के पीछे बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से छात्र-छात्राओं को नुकसान होगा।
गांधी पार्क के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरन यह फैसला थोप रही है। बुक सेलर्स ने कहा कि एससीईआरटी की पुस्तकें खासी महंगी भी है। वहीं, एनसीईआरटी कई विषयों की पुस्तकें नहीं छापता है। हमें प्राइवेट पुस्तकें बेचने से रोका जा रहा है। वहीं, व्यापारी नेता विपिन नागलिया और उमेश अग्रवाल ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन करने वालों में दून बुकसेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र चांदना, रविंद्र बड़ोनी, राजेंद्र बहुगुणा, पब्लिशर एसोसिएशन के अध्यक्ष बचन सिंह पंवार, कमल उनियाल, कमल नैनवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदेश के विद्यालयों में एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ बुकसेलर्स ने सोमवार को गांधी पार्क के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पुस्तकें लागू किए जाने के निर्णय के पीछे बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से छात्र-छात्राओं को नुकसान होगा।
गांधी पार्क के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरन यह फैसला थोप रही है। बुक सेलर्स ने कहा कि एससीईआरटी की पुस्तकें खासी महंगी भी है। वहीं, एनसीईआरटी कई विषयों की पुस्तकें नहीं छापता है। हमें प्राइवेट पुस्तकें बेचने से रोका जा रहा है। वहीं, व्यापारी नेता विपिन नागलिया और उमेश अग्रवाल ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन करने वालों में दून बुकसेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र चांदना, रविंद्र बड़ोनी, राजेंद्र बहुगुणा, पब्लिशर एसोसिएशन के अध्यक्ष बचन सिंह पंवार, कमल उनियाल, कमल नैनवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन