फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार

केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार

Tue, 13 Feb 2018 02:04 AM IST
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार
सभी केंद्र फोटो समेत
विज्ञापन


केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार

- देहरादून में एक मंच पर जुटे कई राज्यों के सैकड़ों किसान
- फसलों की लागत से डेढ़ गुना दाम कर्ज माफी की मांग की
- दो बिलों से ही आएंगे किसानों के अच्छे दिन : वीएम सिंह

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर सोमवार को उत्तराखंड समेत कई राज्यों के किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ देहरादून में एक मंच से हुंकार भरी। उन्होंने फसलों की लागत से डेढ़ गुना दाम और स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट को लागू कर किसानों के कर्ज माफी की मांग की। साथ ही कहा कि अलग-अलग बिखरे किसान अब मुट्ठी बांधकर ताकत बन चुके हैं। किसान अगर बंजर जमीन से अन्न पैदा कर सकता है तो अपना हक लेने की ताकत भी रखता है।
नगर निगम सभागार में आयोजित किसान मुक्ति सम्मेलन में समिति के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि किसान का बच्चा मां के पेट से ही खेती के गुर सीखकर आता है। उसे चिंता सिर्फ लागत की होती है, लेकिन अब तक की सरकारों की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसान को फसल की लागत तक नहीं मिल रही है। कर्ज में डूबने से खेतीबाड़ी के प्रति किसानों का मोह भंग हो रहा। कोई रास्ता नहीं मिलने पर आत्महत्या जैसा कदम उठा रहा है। किसानों की हालत इतनी बुरी हो चुकी है कि कोई भी अपनी बेटी का हाथ चपरासी को देने को तैयार है, लेकिन दस एकड़ भूमि वाले किसान के बेटे को नहीं देता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अफसरों को महंगाई भत्ता मिलता है। उनके लिए समय-समय पर वेतन आयोग बनता है। तब कोई कुछ नहीं बोलता है। किसानों के लिए 2007 में स्वामीनाथ आयोग बना। आयोग ने फसलों की लागत के डेढ़ गुना दाम की सिफारिश की, जिसे आज तक लागू नहीं किया जा सका। वीएम सिंह ने कहा कि स्वामीनाथ आयोग लागू कर किसानों को 2007 से एरियर का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम के साथ अधिकतम मूल्य भी निर्धारित किया जाए, ताकि बिचौलियों से छुटकारा मिल सके। वीएम सिंह ने कहा कि दोनों बिल पास होने पर ही किसानों के अच्छे दिन आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

समिति कार्यकारिणी सदस्य एवं मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक डॉ.सुनीलम् ने कहा कि एक हजार जगहों पर बजट की प्रतियां जलाई जाएंगी। बजट घोषणा के साथ आवंटन का कार्य नहीं किया है। 14 फसलों के लिए 34 हजार करोड़ की जरूरत थी, लेकिन इतना नहीं दिया। देशभर में रोजाना 40 किसान आत्महत्या और दो हजार किसान खेती छोड़ रहे हैं। बजट से किसान को कुछ भी मिलने वाला नहीं है। देश का किसान मोदी सरकार का सबक सिखाने को तैयार है। जगदीश इनामदार, प्रेम सिंह गहलावत, तेजेंद्र सिंह विर्क, होशियार सिंह, पुरुषोत्तम शर्मा, सुरेंद्र सिंह सजवान, देवेंद्र सिंह मान, सुरेंद्र सिंह, गंगा दत्त नौटियाल, संजय कुमार, अब्दुल रज्जाक, विक्रम सिंह नेगी, डबल सिंह भंडारी, वीरेंद्र पाल, शोभाराम समेत कई किसानों ने विचार रखे।
--
2022 में कैसे होगी किसानों की आय दोगुनी
किसान नेता डीएस मान ने कहा कि मोदी सरकार में देश का 55 फीसदी किसान कर्ज में डूबा है। 2022 तक सभी किसान कर्जदार बन जाएंगे। मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी का वादा कर रही है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी खुद 2019 तक सरकार में हैं। इसके बाद क्या होगा खुद मोदी को पता नहीं है।
--
प्रदर्शन कर जलाई बजट की प्रतियां
किसान मुक्ति सम्मेलन के बाद सैकड़ों किसानों से नगर निगम सभागार से दून चौक तक रैली निकाली। यहां मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर बजट की प्रतियां जलाईं। किसानों ने कहा कि मोदी सरकार में किसान पूरी तरह हताश और निराश हो चुका है।
--
समन्वय समिति से जुड़े हैं 190 संगठन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से देशभर के 190 किसान संगठन जुड़े हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई फायरिंग की घटना के बाद इस संगठन का गठन हुआ। 20 और 21 नवंबर 2017 को देशभर के किसानों ने समिति के आह्वान पर दिल्ली में अपनी ताकत दिखाई।

--
19 फरवरी तक हर तहसील में प्रदर्शन
केंद्र सरकार के आम बजट और किसानों की मांगों के समर्थन में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से संबद्ध किसान संगठन के पदाधिकारी देशभर में 12 फरवरी से विरोध प्रदर्शन करेेंगे। देहरादून से इसकी शुरुआत की गई है। 19 फरवरी तक प्रदेश, जिला और तहसील मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान आम बजट की प्रतियां जलाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed