{"_id":"5ca117ecbdec22146325a7d2","slug":"111554061292-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाएगी ‘प्रयोजनमूलक’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाएगी ‘प्रयोजनमूलक’
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड शोध संस्थान एवं नवाभिव्यक्ति साहित्य संस्था की ओर से रविवार को परेड ग्राउंड स्थिति हिंदी भवन में दो पुस्तकें ‘प्रयोजनमूलक हिंदी’ व ‘लंदन से लॉस एंजिल्स’ का विमोचन किया गया। दोनों पुस्तकें संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मुनिराम सकलानी ‘मुनींद्र’ ने लिखी हैं।
हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी न दीप जलाकर किया। इसके बाद सदस्य उमा जोशी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि ‘प्रयोजनमूलक हिंदी’ सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी है और लंदन से लॉस एंजिल्स’ सात देशों में भारतीय संस्कृति व हिंदी भाषा की विस्तार से जानकारी दी गई है। मुख्य अतिथि जगूड़ी ने कहा कि डॉ. मुनींद्र ने यह पुस्तकें लिखकर हिंदी की महत्वपूर्ण सेवा की है। से.नि. आईपीएस चमन लाल प्रदयोत ने कहा कि दोनों पुस्तकें हिंदी साहित्य में मील का पत्थर साबित होंगी। इस अवसर पर डोली डबराल, रोशन धस्माना, योगेश बहुगुणा, भदसेन नेगी, प्रेम, डॉ. प्रभाकर उनियाल, विनोद उनियाल, कुसुम रावत आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
उत्तराखंड शोध संस्थान एवं नवाभिव्यक्ति साहित्य संस्था की ओर से रविवार को परेड ग्राउंड स्थिति हिंदी भवन में दो पुस्तकें ‘प्रयोजनमूलक हिंदी’ व ‘लंदन से लॉस एंजिल्स’ का विमोचन किया गया। दोनों पुस्तकें संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मुनिराम सकलानी ‘मुनींद्र’ ने लिखी हैं।
हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी न दीप जलाकर किया। इसके बाद सदस्य उमा जोशी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि ‘प्रयोजनमूलक हिंदी’ सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी है और लंदन से लॉस एंजिल्स’ सात देशों में भारतीय संस्कृति व हिंदी भाषा की विस्तार से जानकारी दी गई है। मुख्य अतिथि जगूड़ी ने कहा कि डॉ. मुनींद्र ने यह पुस्तकें लिखकर हिंदी की महत्वपूर्ण सेवा की है। से.नि. आईपीएस चमन लाल प्रदयोत ने कहा कि दोनों पुस्तकें हिंदी साहित्य में मील का पत्थर साबित होंगी। इस अवसर पर डोली डबराल, रोशन धस्माना, योगेश बहुगुणा, भदसेन नेगी, प्रेम, डॉ. प्रभाकर उनियाल, विनोद उनियाल, कुसुम रावत आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन