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स्मार्ट पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। सड़क की चौड़ाई घेरकर बनाई गई स्मार्ट पार्किंग शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। स्मार्ट पार्किंग के नाम पर एमडीडीए, नगर निगम, ब्रिडकुल ने मिलकर ऐसा प्लान तैयार किया कि राजपुर से जाखन तक अब आए दिन जाम लगना आम हो गया है। लोगों का कहना है जहां कभी यातायात व्यवस्था बाधित करने के आरोप में वाहन का चालान काटा जाता था तो अब वहीं गाड़ी पार्क करने के लिए कैसे पैसे लिए जा रहे हैं?
स्मार्ट पार्किंग बनाने के बाद भी शहर को जाम की समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है स्मार्ट पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इसमें कई ऐसी भी जगह हैं जहां पहले गाड़ी मुफ्त में पार्क हो रही थी। अब वहां तीन घंटे के लिए 20 और 30 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसी जनवरी में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्मार्ट पार्किंग का शुभारंभ किया था। इसके तहत राजपुर रोड पर जगह-जगह स्मार्ट पार्किंग के लिए स्थान चयनित किए गए हैं। लेकिन, स्मार्ट पार्किंग शहर में जाम की समस्या दूर करने में असफल साबित हो रही है। यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब स्कूलों की छुट्टी का समय होता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं क्या सड़क पर स्मार्ट पार्किंग का मकसद मात्र रुपये कमाना ही हैं? डालनवाला निवासी अरुण का कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण करने का अधिकार किसी को नहीं है तो भला सरकार को क्यों करें? यदि सरकार को स्मार्ट पार्किंग बनानी थी तो इसके लिए अलग से जगह बनानी चाहिए थी।
स्मार्ट पार्किंग में लगा गंदगी का अंबार
राजपुर रोड पर बनी स्मार्ट पार्किंग पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियों के चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बहने लगा है। बारिश होने से नालियों की गंदगी भी सड़क पर बहने लगी है। राजपुर रोड स्थित एक शो रूम के मालिक सुधीर गुप्ता ने बताया कि राजपुर रोड, एस्ले हाल के समीप बनी स्मार्ट पार्किंग पर नाली चोेक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। उसके बाद नाली से उठने वाली दुर्गंध से समस्या और बढ़ गई है।
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निशुल्क हो स्मार्ट पार्किंग
राजपुर रोड व्यापार समिति ने मांग की है कि दुकानों के बाहर बनी स्मार्ट पार्किंग निशुल्क होनी चाहिए। इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिनों मेयर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात की थी। समिति अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने बताया कि राजपुर रोड पर बनी स्मार्ट पार्किंग से कारोबार में असर पड़ रहा है। इस पार्किंग को निशुल्क करने के लिए समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मेयर से भी मांग की थी। उन्होंने कहा कि दुकानों के बाहर पहले गाड़ी निशुल्क पार्क की जाती थी। लेकिन अब स्मार्ट पार्किंग के नाम पर वसूला जा रहे शुल्क के बाद से कारोबार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन खड़े करने का व्यक्ति पहले से रोड टैक्स के रूप में भुगतान करता है। लेकिन, राजपुर रोड पर स्मार्ट पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इस दौरान अनुपम गुलाटी, सुनील छाबड़ा, संजीव गोयल, योगेश तनेजा, अनुज रस्तोगी आदि भी मौजूद रहे।
शहर में बनी स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था को ब्रिडकुल, यातायात पुलिस और नगर निगम की बनी संयुक्त कमेटी देख रही है। एमडीडीए का स्मार्ट पार्किंग से कोई संबंध नहीं है।
पीसी दुम्का, एमडीडीए सचिव
ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था है। शहर में स्मार्ट पार्किंग बनाने के बाद नगर निगम और यातायात पुलिस विभाग की ओर से उसकी देख-रेख की जा रही है।
मनोज सेमवाल, प्रबंध निदेशक, ब्रिडकुल
स्मार्ट पार्किंग इसलिए बनाई गई थी ताकि शहर में जो लोग इधर-उधर गलत तरीके से गाड़ी पार्क कर देते थे, वह सही तरह से लगाएं। हम इस दिशा में ही काम कर रहे हैं। ताकि यातायात व्यवस्था सही रहे। -प्रकाश चंद आर्य, एसपी ट्रैफिक
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देहरादून। सड़क की चौड़ाई घेरकर बनाई गई स्मार्ट पार्किंग शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। स्मार्ट पार्किंग के नाम पर एमडीडीए, नगर निगम, ब्रिडकुल ने मिलकर ऐसा प्लान तैयार किया कि राजपुर से जाखन तक अब आए दिन जाम लगना आम हो गया है। लोगों का कहना है जहां कभी यातायात व्यवस्था बाधित करने के आरोप में वाहन का चालान काटा जाता था तो अब वहीं गाड़ी पार्क करने के लिए कैसे पैसे लिए जा रहे हैं?
स्मार्ट पार्किंग बनाने के बाद भी शहर को जाम की समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है स्मार्ट पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इसमें कई ऐसी भी जगह हैं जहां पहले गाड़ी मुफ्त में पार्क हो रही थी। अब वहां तीन घंटे के लिए 20 और 30 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसी जनवरी में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्मार्ट पार्किंग का शुभारंभ किया था। इसके तहत राजपुर रोड पर जगह-जगह स्मार्ट पार्किंग के लिए स्थान चयनित किए गए हैं। लेकिन, स्मार्ट पार्किंग शहर में जाम की समस्या दूर करने में असफल साबित हो रही है। यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब स्कूलों की छुट्टी का समय होता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं क्या सड़क पर स्मार्ट पार्किंग का मकसद मात्र रुपये कमाना ही हैं? डालनवाला निवासी अरुण का कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण करने का अधिकार किसी को नहीं है तो भला सरकार को क्यों करें? यदि सरकार को स्मार्ट पार्किंग बनानी थी तो इसके लिए अलग से जगह बनानी चाहिए थी।
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स्मार्ट पार्किंग में लगा गंदगी का अंबार
राजपुर रोड पर बनी स्मार्ट पार्किंग पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियों के चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बहने लगा है। बारिश होने से नालियों की गंदगी भी सड़क पर बहने लगी है। राजपुर रोड स्थित एक शो रूम के मालिक सुधीर गुप्ता ने बताया कि राजपुर रोड, एस्ले हाल के समीप बनी स्मार्ट पार्किंग पर नाली चोेक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। उसके बाद नाली से उठने वाली दुर्गंध से समस्या और बढ़ गई है।
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निशुल्क हो स्मार्ट पार्किंग
राजपुर रोड व्यापार समिति ने मांग की है कि दुकानों के बाहर बनी स्मार्ट पार्किंग निशुल्क होनी चाहिए। इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिनों मेयर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात की थी। समिति अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने बताया कि राजपुर रोड पर बनी स्मार्ट पार्किंग से कारोबार में असर पड़ रहा है। इस पार्किंग को निशुल्क करने के लिए समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मेयर से भी मांग की थी। उन्होंने कहा कि दुकानों के बाहर पहले गाड़ी निशुल्क पार्क की जाती थी। लेकिन अब स्मार्ट पार्किंग के नाम पर वसूला जा रहे शुल्क के बाद से कारोबार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन खड़े करने का व्यक्ति पहले से रोड टैक्स के रूप में भुगतान करता है। लेकिन, राजपुर रोड पर स्मार्ट पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इस दौरान अनुपम गुलाटी, सुनील छाबड़ा, संजीव गोयल, योगेश तनेजा, अनुज रस्तोगी आदि भी मौजूद रहे।
शहर में बनी स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था को ब्रिडकुल, यातायात पुलिस और नगर निगम की बनी संयुक्त कमेटी देख रही है। एमडीडीए का स्मार्ट पार्किंग से कोई संबंध नहीं है।
पीसी दुम्का, एमडीडीए सचिव
ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था है। शहर में स्मार्ट पार्किंग बनाने के बाद नगर निगम और यातायात पुलिस विभाग की ओर से उसकी देख-रेख की जा रही है।
मनोज सेमवाल, प्रबंध निदेशक, ब्रिडकुल
स्मार्ट पार्किंग इसलिए बनाई गई थी ताकि शहर में जो लोग इधर-उधर गलत तरीके से गाड़ी पार्क कर देते थे, वह सही तरह से लगाएं। हम इस दिशा में ही काम कर रहे हैं। ताकि यातायात व्यवस्था सही रहे। -प्रकाश चंद आर्य, एसपी ट्रैफिक