{"_id":"5b54e3ad4f1c1b4f748b651d","slug":"111532289965-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण नियंत्रण की अनदेखी होटल संचालकों पर पड़ेगी भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण नियंत्रण की अनदेखी होटल संचालकों पर पड़ेगी भारी
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गंगा, यमुना नदियों के अलावा राज्य की प्रमुख नदियों के किनारे स्थित होटलों, आश्रमाें समेत तमाम व्यावसायिक संस्थानों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राजधानी दून समेत तमाम शहरोें के बीचोबीच संचालित होटलों पर कार्रवाई की तैयारी में है। इस बाबत बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से ऐसे प्रतिष्ठानाें की सूची तलब की है।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में छोटे-बड़े करीब 3000 होटल हैं। इनमें ज्यादातर होटल संचालकों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। नदियों के किनारे संचालित होटलों व व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी करने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने शहरों के बीचोबीच बने प्रतिष्ठानों की सूची तलब की है। बताया जा रहा है कि राजधानी दून समेत विभिन्न शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट न करने वाले कई प्रतिष्ठान हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
---
जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रदूषण नियंत्रण कानूनों की अनदेखी हो रही है उन पर कार्रवाई के लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से सूची तलब की गई है। ऐसे सभी होटलों को चिह्नित कर संचालकों को नोटिस जारी की जाएगी। सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था न करने वाले होटल संचालकों पर कार्रवाई के साथ सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
गंगा, यमुना नदियों के अलावा राज्य की प्रमुख नदियों के किनारे स्थित होटलों, आश्रमाें समेत तमाम व्यावसायिक संस्थानों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राजधानी दून समेत तमाम शहरोें के बीचोबीच संचालित होटलों पर कार्रवाई की तैयारी में है। इस बाबत बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से ऐसे प्रतिष्ठानाें की सूची तलब की है।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में छोटे-बड़े करीब 3000 होटल हैं। इनमें ज्यादातर होटल संचालकों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। नदियों के किनारे संचालित होटलों व व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी करने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने शहरों के बीचोबीच बने प्रतिष्ठानों की सूची तलब की है। बताया जा रहा है कि राजधानी दून समेत विभिन्न शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट न करने वाले कई प्रतिष्ठान हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
विज्ञापन
---
जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रदूषण नियंत्रण कानूनों की अनदेखी हो रही है उन पर कार्रवाई के लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से सूची तलब की गई है। ऐसे सभी होटलों को चिह्नित कर संचालकों को नोटिस जारी की जाएगी। सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था न करने वाले होटल संचालकों पर कार्रवाई के साथ सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड