{"_id":"5b1d8c474f1c1b6d4d8b5bbc","slug":"111528663111-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी ने नहीं गिराया अपना स्टैंडर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी ने नहीं गिराया अपना स्टैंडर्ड
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
आईआईटी ने अपने दाखिलों की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में इस साल कोई बदलाव नहीं किया है। गत वर्ष कटऑफ गिराने वाले आईआईटी ने इस साल 126 से कम अंक लाने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
आईआईटी ने जेईई एडवांस में क्वालिफाई करने के लिए पेपर-1 और पेपर-2 में 35 प्रतिशत अंकों का क्राइटेरिया तय किया हुआ है। गत वर्ष इस क्राइटेरिया के हिसाब से 128 अंकों तक वाले छात्र क्वालिफाइड थे लेकिन आईआईटी ने अपना क्राइटेरिया कम कर दिया था। इस वजह से भारी संख्या में छात्र आईआईटी काउंसिलिंग के लिए क्वालिफाई कर गए थे। इस साल, आईआईटी ने अपने 35 प्रतिशत क्राइटेरिया का पालन किया है। 360 अंकों में से 126 अंक लाने वाले छात्रों को ही क्वालिफाई घोषित किया गया है। सामान्य वर्ग के इससे नीचे अंक लाने वाले छात्रों को आईआईटी ने इस बार कोई मौका नहीं दिया है। वीआर क्लासेज के एमडी वैभव राय के मुताबिक इस साल आईआईटी ने अपने क्वालिफाइंग क्राइटेरिया का पूर्णत: पालन किया है।
विज्ञापन
आईआईटी ने अपने दाखिलों की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में इस साल कोई बदलाव नहीं किया है। गत वर्ष कटऑफ गिराने वाले आईआईटी ने इस साल 126 से कम अंक लाने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
आईआईटी ने जेईई एडवांस में क्वालिफाई करने के लिए पेपर-1 और पेपर-2 में 35 प्रतिशत अंकों का क्राइटेरिया तय किया हुआ है। गत वर्ष इस क्राइटेरिया के हिसाब से 128 अंकों तक वाले छात्र क्वालिफाइड थे लेकिन आईआईटी ने अपना क्राइटेरिया कम कर दिया था। इस वजह से भारी संख्या में छात्र आईआईटी काउंसिलिंग के लिए क्वालिफाई कर गए थे। इस साल, आईआईटी ने अपने 35 प्रतिशत क्राइटेरिया का पालन किया है। 360 अंकों में से 126 अंक लाने वाले छात्रों को ही क्वालिफाई घोषित किया गया है। सामान्य वर्ग के इससे नीचे अंक लाने वाले छात्रों को आईआईटी ने इस बार कोई मौका नहीं दिया है। वीआर क्लासेज के एमडी वैभव राय के मुताबिक इस साल आईआईटी ने अपने क्वालिफाइंग क्राइटेरिया का पूर्णत: पालन किया है।
विज्ञापन