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प्रसव की जानकारी नहीं दे रहे निजी अस्पताल
Updated Sat, 19 May 2018 02:40 AM IST
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प्रसव की जानकारी नहीं दे रहे निजी अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
जिले के तमाम निजी अस्पतालों के संचालक अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मुहैया करा रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग को प्रसव संबंधी आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वह अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी विभाग को मुहैया कराएं।
गर्भवती महिलाओं के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को गर्भवती होने के साथ ही जांच से लेकर प्रसव तक की सुविधाएं मुहैया करायी जाती हैं। गर्भवती महिलाओं को सरकारी व निजी अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तमाम सुविधाओं का लाभ मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। लेकिन जिले के निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी नहीं दे रहे हैं। जिससे जन्म दर वास्तविक स्थिति का पता नहीं लग रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2017 में सरकारी अस्पतालों में 33407 प्रसव का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 30461 प्रसव हो सके। यह लक्ष्य का 57.8 फीसदी रहा। जबकि 2.5 फीसदी महिलाओं का प्रसव घर में कराया गया। इसके अलावा निजी अस्पतालों में हुए प्रसव का कोई आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को पत्र लिखा है कि वह अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराएं। यदि कोई अस्पताल प्रबंधन जानकारी देने में आनाकानी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
जिले के तमाम निजी अस्पतालों के संचालक अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मुहैया करा रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग को प्रसव संबंधी आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वह अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी विभाग को मुहैया कराएं।
गर्भवती महिलाओं के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को गर्भवती होने के साथ ही जांच से लेकर प्रसव तक की सुविधाएं मुहैया करायी जाती हैं। गर्भवती महिलाओं को सरकारी व निजी अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तमाम सुविधाओं का लाभ मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। लेकिन जिले के निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी नहीं दे रहे हैं। जिससे जन्म दर वास्तविक स्थिति का पता नहीं लग रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2017 में सरकारी अस्पतालों में 33407 प्रसव का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 30461 प्रसव हो सके। यह लक्ष्य का 57.8 फीसदी रहा। जबकि 2.5 फीसदी महिलाओं का प्रसव घर में कराया गया। इसके अलावा निजी अस्पतालों में हुए प्रसव का कोई आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को पत्र लिखा है कि वह अपने यहां होने वाले प्रसव की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराएं। यदि कोई अस्पताल प्रबंधन जानकारी देने में आनाकानी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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