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स्कूलों में नहीं शिक्षक, कैसे हो पढ़ाई
Updated Fri, 11 May 2018 02:12 AM IST
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स्कूलों में नहीं शिक्षक, कैसे हो पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अतिथि शिक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण न होने के चलते प्रदेश के कई विद्यालय शिक्षक विहीन हो गए हैं। विशेषकर दुर्गम के विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा है। वहीं, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने एक सप्ताह में अनुबंध न होने पर परिवार समेत सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कुछ समय पूर्व अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था लागू की गई थी। इन शिक्षकों को तय समयावधि के लिए अनुबंधित किया गया था। प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाया जाना था, लेकिन काफी समय से इनका मामला लंबित चल रहा है, जिसके चलते अनुबंध का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। इससे दुर्गम क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा हो गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार 31 मार्च 2018 तक प्रदेश के विद्यालयों में 2683 अतिथि प्रवक्ता और 1683 अतिथि सहायक अध्यापक (एलटी) कार्यरत रहे।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार से अतिथि शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विवेक यादव और महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय विजन डॉक्युमेंट में उनकी नौकरी पर निर्णय लेने का वायदा किया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अब एक सप्ताह में फैसला न होने पर प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक अपने परिवारों के साथ मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे और वहीं धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अतिथि शिक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण न होने के चलते प्रदेश के कई विद्यालय शिक्षक विहीन हो गए हैं। विशेषकर दुर्गम के विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा है। वहीं, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने एक सप्ताह में अनुबंध न होने पर परिवार समेत सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कुछ समय पूर्व अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था लागू की गई थी। इन शिक्षकों को तय समयावधि के लिए अनुबंधित किया गया था। प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाया जाना था, लेकिन काफी समय से इनका मामला लंबित चल रहा है, जिसके चलते अनुबंध का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। इससे दुर्गम क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा हो गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार 31 मार्च 2018 तक प्रदेश के विद्यालयों में 2683 अतिथि प्रवक्ता और 1683 अतिथि सहायक अध्यापक (एलटी) कार्यरत रहे।
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माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार से अतिथि शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विवेक यादव और महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय विजन डॉक्युमेंट में उनकी नौकरी पर निर्णय लेने का वायदा किया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अब एक सप्ताह में फैसला न होने पर प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक अपने परिवारों के साथ मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे और वहीं धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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