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सचिवालय कूच कर रहे ऑटो संचालकों को रोका
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
एक जुलाई से केवल बैटरी और एलपीजी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट जारी करने की अनिवार्यता के संभागीय परिवहन प्राधिकरण के फैसले को वापस लेने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर ऑटो संचालकों ने सोमवार को सचिवालय कूच किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें परेड ग्राउंड में ही रोक लिया। मौके पर पहुंची एसडीएम मसूरी ने ऑटो संचालकों को उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। एसडीएम को ज्ञापन देकर ऑटो संचालक वापस लौट गए।
सोमवार को दून ऑटो रिक्शा यूनियन से जुड़े ऑटो संचालक बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड पहुंचे। केवल बैटरी और एलपीजी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट जारी करने की अनिवार्यता के संभागीय परिवहन प्राधिकरण के फैसले को वापस लेने, ई-रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों पर बंद कराने, ओला कैब को 25 किमी की परिधि से बाहर संचालित किए जाने, किराया मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, ऑटो के संचालन की अनुमति 25 से बढ़ाकर 40 किमी किए जाने, ऑटो की फिटनेस पूर्र्व की भांति एक साल किए जाने समेत आठ सूत्री मांगों पर सचिवालय कूच शुरू किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें परेड ग्राउंड में ही रोक लिया। यहां उन्होंने परिवहन विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची मसूरी एसडीएम मीनाक्षी पटवाल ने उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऑटो संचालक उन्हें सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंप वापस लौट गए। इस दौरान यूनियन अध्यक्ष बालेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राशिद अहमद, महामंत्री मनींद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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एक जुलाई से केवल बैटरी और एलपीजी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट जारी करने की अनिवार्यता के संभागीय परिवहन प्राधिकरण के फैसले को वापस लेने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर ऑटो संचालकों ने सोमवार को सचिवालय कूच किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें परेड ग्राउंड में ही रोक लिया। मौके पर पहुंची एसडीएम मसूरी ने ऑटो संचालकों को उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। एसडीएम को ज्ञापन देकर ऑटो संचालक वापस लौट गए।
सोमवार को दून ऑटो रिक्शा यूनियन से जुड़े ऑटो संचालक बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड पहुंचे। केवल बैटरी और एलपीजी संचालित ऑटो रिक्शा को ही परमिट जारी करने की अनिवार्यता के संभागीय परिवहन प्राधिकरण के फैसले को वापस लेने, ई-रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों पर बंद कराने, ओला कैब को 25 किमी की परिधि से बाहर संचालित किए जाने, किराया मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, ऑटो के संचालन की अनुमति 25 से बढ़ाकर 40 किमी किए जाने, ऑटो की फिटनेस पूर्र्व की भांति एक साल किए जाने समेत आठ सूत्री मांगों पर सचिवालय कूच शुरू किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें परेड ग्राउंड में ही रोक लिया। यहां उन्होंने परिवहन विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची मसूरी एसडीएम मीनाक्षी पटवाल ने उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऑटो संचालक उन्हें सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंप वापस लौट गए। इस दौरान यूनियन अध्यक्ष बालेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राशिद अहमद, महामंत्री मनींद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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