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राज्य आंदोलनकारियों का सीएम आवास कूच
Updated Tue, 17 Apr 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने के लिए चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें राजभवन के पास ही रोक लिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज राज्य आंदोलनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद जब मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने उनसे ज्ञापन लिया, तब जाकर आंदोलनकारी माने और धरना समाप्त किया।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 11 सूत्री मांगों पर विचार विमर्श के साथ ही आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने ज्ञापन सौंपने के लिए सीएम आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। इससे राज्य आंदोलनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आकाश जोशी ने उनसे ज्ञापन लिया। ज्ञापन में उन्होंने छूटे आंदोलनकारियों को चिह्नित कर सूची जारी करने, एक समान पेंशन लागू करने, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह आंदोलनकारियों को भी सुविधा देने आदि की मांग की है।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने बताया कि 23 अप्रैल को राज्य आंदोलनकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विधायकोें का घेराव करेेंगे। 30 अप्रैल को कुमाऊं कमिश्नर का नैनीताल में घेराव होगा। जबकि, 28 मई को पौड़ी मेें सत्याग्रह होगा। इस मौके पर सावित्री नेगी, मधु नौटियाल, रश्मि चमोली, पुष्कर जोशी, नवीन नैथानी, डॉ. अमर सिंह अहितान, बलवंत रावत, जगमोहन सिंह रावत, गीता पुुनेठा, गणेश चमोला समेत कई आंदोलनकारी शामिल थे।
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मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने के लिए चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें राजभवन के पास ही रोक लिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज राज्य आंदोलनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद जब मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने उनसे ज्ञापन लिया, तब जाकर आंदोलनकारी माने और धरना समाप्त किया।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 11 सूत्री मांगों पर विचार विमर्श के साथ ही आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने ज्ञापन सौंपने के लिए सीएम आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। इससे राज्य आंदोलनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आकाश जोशी ने उनसे ज्ञापन लिया। ज्ञापन में उन्होंने छूटे आंदोलनकारियों को चिह्नित कर सूची जारी करने, एक समान पेंशन लागू करने, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह आंदोलनकारियों को भी सुविधा देने आदि की मांग की है।
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चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने बताया कि 23 अप्रैल को राज्य आंदोलनकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विधायकोें का घेराव करेेंगे। 30 अप्रैल को कुमाऊं कमिश्नर का नैनीताल में घेराव होगा। जबकि, 28 मई को पौड़ी मेें सत्याग्रह होगा। इस मौके पर सावित्री नेगी, मधु नौटियाल, रश्मि चमोली, पुष्कर जोशी, नवीन नैथानी, डॉ. अमर सिंह अहितान, बलवंत रावत, जगमोहन सिंह रावत, गीता पुुनेठा, गणेश चमोला समेत कई आंदोलनकारी शामिल थे।
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