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विवेकानंद के आदर्श अपनाने का लिया संकल्प
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:57 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
किशनपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम में शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान कई वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए और लोगों ने स्वामी जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा सुबह नौ बजे से लेकर शाम तक चले कार्यक्रम में गदाधर प्रकल्प के छात्रों ने प्रस्तुतियां दीं।
रामकृष्ण मिशन आश्रम में शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ बेलूर मठ के वरिष्ठ सन्यासी स्वामी अन्नपूर्णानंद ने किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को साहसी बनने का मार्ग दिखाया और देश को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। स्वामी अन्नपूर्णानंद ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्श अपनाने का आह्वान किया। स्वामी ध्यानास्थानंद (पलाश महाराज) ने कहा कि विवेकानंद जैसी सोच से ही नया भारत बन पाएगा। राज्य खाद्य आयोग की सचिव डॉ. सुचिस्मता सेन दास गुप्ता पांडे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद पूर्व और पश्चिम जगत का समन्वय कराने के पक्षधर थे। जिससे एक नए समाज का सृजन हो। समाजसेवी राहुल रावत ने स्वामी जी के जीवन पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर पार्षद भूपेंद्र कठैत, डॉ. वीना डंगवाल, फैजी अलीम, स्वामी निगमानंद आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद शाम को गरीबों को भोजन, वस्त्र और दवाइयां दी गईं।
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किशनपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम में शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान कई वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए और लोगों ने स्वामी जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा सुबह नौ बजे से लेकर शाम तक चले कार्यक्रम में गदाधर प्रकल्प के छात्रों ने प्रस्तुतियां दीं।
रामकृष्ण मिशन आश्रम में शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ बेलूर मठ के वरिष्ठ सन्यासी स्वामी अन्नपूर्णानंद ने किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को साहसी बनने का मार्ग दिखाया और देश को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। स्वामी अन्नपूर्णानंद ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्श अपनाने का आह्वान किया। स्वामी ध्यानास्थानंद (पलाश महाराज) ने कहा कि विवेकानंद जैसी सोच से ही नया भारत बन पाएगा। राज्य खाद्य आयोग की सचिव डॉ. सुचिस्मता सेन दास गुप्ता पांडे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद पूर्व और पश्चिम जगत का समन्वय कराने के पक्षधर थे। जिससे एक नए समाज का सृजन हो। समाजसेवी राहुल रावत ने स्वामी जी के जीवन पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर पार्षद भूपेंद्र कठैत, डॉ. वीना डंगवाल, फैजी अलीम, स्वामी निगमानंद आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद शाम को गरीबों को भोजन, वस्त्र और दवाइयां दी गईं।
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