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हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी और उजड़ गया सुहाग, खबर पढ़कर खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पहाड़पानी/ भीमताल (नैनीताल)
Updated Thu, 10 May 2018 08:58 AM IST
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dipika
- फोटो : amar ujala
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भीमताल शहरफाटक के डोल ग्रामसभा निवासी त्रिलोक सिंह फर्त्याल की पुत्री दीपिका (खुशी) के हाथों की मेहंदी अभी उतर भी नहीं पाई थी कि उसके माथे का सिंदूर उजड़ गया।
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27 अप्रैल को पिता त्रिलोक ने कन्यादान कर सदासुहागन रहने का आशीर्वाद दिया था। पर, उन्हें क्या पता था कि 11 दिन ही उनकी बेटी सुहागन रह पाएगी।
परिजनों के अनुसार जगत सिंह इंटर करने के बाद 2012 में कुमाऊं रेजीमेंट में बतौर जवान भर्ती हुआ था। वह वर्तमान में कश्मीर में तैनात था। शादी तय होने के बाद 17 अप्रैल को एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था।
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नई नवेली दुल्हन को देखने घर में पहुंच रहे थे गांव के लोग
jagat singh murdered in marriage
- फोटो : file photo
27 अप्रैल को शहरफाटक के डोलगांव में जगत सिंह की शादी दीपिका उर्फ खुशी से हुई। बेटे की शादी से खीम सिंह के परिवार में खुशियों का माहौल था। गांव के लोग जगत सिंह की नई नवेली दुल्हन को देखने घर में पहुंच रहे थे।
शादी के तीन दिन बाद दोनों अल्मोड़ा के चितई मंदिर में गोल्ज्यू महाराज के दर्शन भी करने गए थे। परिजनों ने बताया कि जब दोनों अल्मोड़ा जा रहे थे तब भी आरोपी गोपाल सिंह ने बदतमीजी से बात कर जगत को उसकी पत्नी के सामने नीचा दिखाने की कोशिश की थी। मात्र 11 दिन में ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
लोगों ने कहा-मासूम पत्नी का क्या होगा
मृतक जगत सिंह की हत्या के बाद लोगों को उसकी पत्नी के भविष्य की चिंता सताने लगी है। 23 साल की उम्र में ही सुहाग के उजड़ जाने पर लोगों ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में विधवा होने पर वह कैसे जिंदगी जी पाएगी।
शादी के तीन दिन बाद दोनों अल्मोड़ा के चितई मंदिर में गोल्ज्यू महाराज के दर्शन भी करने गए थे। परिजनों ने बताया कि जब दोनों अल्मोड़ा जा रहे थे तब भी आरोपी गोपाल सिंह ने बदतमीजी से बात कर जगत को उसकी पत्नी के सामने नीचा दिखाने की कोशिश की थी। मात्र 11 दिन में ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
लोगों ने कहा-मासूम पत्नी का क्या होगा
मृतक जगत सिंह की हत्या के बाद लोगों को उसकी पत्नी के भविष्य की चिंता सताने लगी है। 23 साल की उम्र में ही सुहाग के उजड़ जाने पर लोगों ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में विधवा होने पर वह कैसे जिंदगी जी पाएगी।
मां-बाप, बड़ा भाई, एक बहन और एक छोटा भाई है परिवार में
jagat singh
मृतक के घर में मां-बाप, बड़ा भाई, बहन और एक छोटा भाई है। पिता काश्तकार हैं। बड़ा भाई हल्द्वानी मेडिकल स्टोर में काम करता है, जबकि बहन की शादी हो चुकी है। सबसे छोटा भाई घर में खेती में हाथ बंटाता है।
मारपीट करने के लिए हमेशा उतारू रहता है गोपाल
राजस्व पुलिस के मुताबिक आरोपी गोपाल सिंह छोटी-छोटी बातों पर लोगों से मारपीट और बदतमीजी करने के लिए उतारू रहता है। लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई है। हालांकि आरोपी पर धारी तहसील में कोई अपराध दर्ज नहीं है।
व्यवहार कुशल था जगत सिंह
प्रधानाचार्य एवं मजुली के ग्रामप्रधान त्रिलोचन शर्मा ने बताया कि जगत सिंह बेहद व्यवहार कुशल युवक था। जगत ने इंटर तक की शिक्षा पहाड़पानी के खीमराम इंटर कॉलेज से पूरी की थी। दो दिन पहले ही वह शादी का रजिस्ट्रेशन कराने प्रधान के पास पहुंचा था।
मारपीट करने के लिए हमेशा उतारू रहता है गोपाल
राजस्व पुलिस के मुताबिक आरोपी गोपाल सिंह छोटी-छोटी बातों पर लोगों से मारपीट और बदतमीजी करने के लिए उतारू रहता है। लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई है। हालांकि आरोपी पर धारी तहसील में कोई अपराध दर्ज नहीं है।
व्यवहार कुशल था जगत सिंह
प्रधानाचार्य एवं मजुली के ग्रामप्रधान त्रिलोचन शर्मा ने बताया कि जगत सिंह बेहद व्यवहार कुशल युवक था। जगत ने इंटर तक की शिक्षा पहाड़पानी के खीमराम इंटर कॉलेज से पूरी की थी। दो दिन पहले ही वह शादी का रजिस्ट्रेशन कराने प्रधान के पास पहुंचा था।