{"_id":"5ca3be83bdec2214720fb7e8","slug":"101554235011-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर विभाग अब सोशल मीडिया से भी कर रहा जासूसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयकर विभाग अब सोशल मीडिया से भी कर रहा जासूसी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून
विज्ञापन
अब सोशल मीडिया की पोस्ट्स से भी आयकर विभाग जासूसी कर रहा है। इसके लिए उत्तराखंड में भी इंटर प्रोजेक्ट इनसाइट सॉफ्टवेयर लांच हो चुका है। यह सॉफ्टवेयर किसी भी करदाता की पूरी जानकारी एकत्र कर उसका विश्लेषण कर लेगा। इस आधार पर उसकी आईटीआर से मिलान के बाद कर चोरी पकड़ना आसान हो जाएगा।
आयकर विभाग का नया सॉफ्टवेयर आयकरदाताओं का पैन नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल, आधार, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, शॉपिंग, विदेश यात्रा और ट्वीटर, फेसबुक सहित बैंक खाते का ऑटोमेटिक सर्विलांस करता रहेगा। आयकर रिटर्न दाखिल करते ही आपके डाटा सर्च में छिपाई गई आमदनी या खर्च का हिसाब कंप्यूटर स्क्रीन पर विभाग को मिलेगा। उच्च जोखिम के आमदनी और खर्च का पता लगते ही सॉफ्टवेयर अलर्ट करेगा। आय के स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) और आय स्रोत से टैक्स वसूली (टीसीएस) का ब्योरा सहित विदेशी खाते, एनआरआई बैंक खाते, विदेश में भुगतान या आमदनी के हिसाब की नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। डाटा के आधार पर आयकर विभाग कार्रवाई कर सकेगा।
विज्ञापन