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समय से वेतन न मिलने पर तालाबंदी
Updated Thu, 14 Jun 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ओएनजीसी में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को समय से वेतन न मिलने पर उन्होंने तालाबंदी कर दी। इस दौरान कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि विभिन्न कंपनियों के 800 से ज्यादा ठेका कर्मचारियों को सात तारीख के बजाए कई-कई दिन विलंब से वेतन दिया जा रहा है। शाम को कंपनी ने कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया।
ओएनजीसी देहरादून में कार्यरत ठेका कंपनी ए2जेड व अन्य कंपनियों के अंतर्गत कार्यरत करीब 800 संविदा कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर बुधवार को ओएनजीसी तेल भवन के मुख्य द्वार पर तालाबंदी व धरना प्रदर्शन किया गया। ओएनजीसी कांट्रेक्ट इंप्लाइज यूनियन का आरोप है कि श्रम कानूनों के तहत हर महीने की सात तारीख को वेतन मिलना चाहिए लेकिन कंपनियां इस नियम की धज्जियां उड़ा रही हैं। इस कारण कर्मचारियों को मानसिक व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन लगातार इस बाबत ओएनजीसी के आला अधिकारियों के अलावा उप मुख्य श्रमायुक्त से भी गुहार लगा चुकी है। इसके बावजूद आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों की ओएनजीसी प्रबंधन से वार्ता हुई। वार्ता में उन्होंने बताया कि उपनल और ए2जेड कंपनी का बीते एक साल से समय से वेतन नहीं मिल रहा है। ओएनजीसी प्रबंधन ने इस मामले में तय तिथि पर वेतन देने का आश्वासन दिया। वार्ता में ओएनजीसी स्टाफ यूनियन की ओर से अनुराग सक्सेना, सतेंद्र सिंह नेगी, रजनीश छतवाल, अवनीश शर्मा, राकेश बड़थ्वाल, ओएनजीसी कांट्रेक्ट यूनियन की ओर से अनिल कुमार, संदीप कुमार, अजब सिंह, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। ओएनजीसी प्रबंधन से वार्ता में आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी शांत हुए। उन्होंने कंपनियों के वेतन देने में की जा रही लापरवाही पर भी कार्रवाई की मांग की है। धरना देने वालों में रमेश नौटियाल, राजेश ध्यानी, मनोज झिल्डियाल, जय प्रकाश, संदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, विकास, दिनेश कुमार, राजेश जोशी, किशन गोदियाल, मुकेश शर्मा, अशोक गुप्ता, राजेश डिमरी, सर्वेस कुमार, रजनीश, संजय थापा, नरेश, कैलाश पंवार, कृष्णा देवी, शीला देवी, माला देवी आदि मौजूद रहे। हंगामे और वार्ता का असर यह रहा कि शाम को कंपनी ने कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया।
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ओएनजीसी में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को समय से वेतन न मिलने पर उन्होंने तालाबंदी कर दी। इस दौरान कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि विभिन्न कंपनियों के 800 से ज्यादा ठेका कर्मचारियों को सात तारीख के बजाए कई-कई दिन विलंब से वेतन दिया जा रहा है। शाम को कंपनी ने कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया।
ओएनजीसी देहरादून में कार्यरत ठेका कंपनी ए2जेड व अन्य कंपनियों के अंतर्गत कार्यरत करीब 800 संविदा कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर बुधवार को ओएनजीसी तेल भवन के मुख्य द्वार पर तालाबंदी व धरना प्रदर्शन किया गया। ओएनजीसी कांट्रेक्ट इंप्लाइज यूनियन का आरोप है कि श्रम कानूनों के तहत हर महीने की सात तारीख को वेतन मिलना चाहिए लेकिन कंपनियां इस नियम की धज्जियां उड़ा रही हैं। इस कारण कर्मचारियों को मानसिक व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन लगातार इस बाबत ओएनजीसी के आला अधिकारियों के अलावा उप मुख्य श्रमायुक्त से भी गुहार लगा चुकी है। इसके बावजूद आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों की ओएनजीसी प्रबंधन से वार्ता हुई। वार्ता में उन्होंने बताया कि उपनल और ए2जेड कंपनी का बीते एक साल से समय से वेतन नहीं मिल रहा है। ओएनजीसी प्रबंधन ने इस मामले में तय तिथि पर वेतन देने का आश्वासन दिया। वार्ता में ओएनजीसी स्टाफ यूनियन की ओर से अनुराग सक्सेना, सतेंद्र सिंह नेगी, रजनीश छतवाल, अवनीश शर्मा, राकेश बड़थ्वाल, ओएनजीसी कांट्रेक्ट यूनियन की ओर से अनिल कुमार, संदीप कुमार, अजब सिंह, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। ओएनजीसी प्रबंधन से वार्ता में आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी शांत हुए। उन्होंने कंपनियों के वेतन देने में की जा रही लापरवाही पर भी कार्रवाई की मांग की है। धरना देने वालों में रमेश नौटियाल, राजेश ध्यानी, मनोज झिल्डियाल, जय प्रकाश, संदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, विकास, दिनेश कुमार, राजेश जोशी, किशन गोदियाल, मुकेश शर्मा, अशोक गुप्ता, राजेश डिमरी, सर्वेस कुमार, रजनीश, संजय थापा, नरेश, कैलाश पंवार, कृष्णा देवी, शीला देवी, माला देवी आदि मौजूद रहे। हंगामे और वार्ता का असर यह रहा कि शाम को कंपनी ने कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया।
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