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तकनीकी विवि के कुलपति कार्यमुक्त
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
कई माह से कार्य से विरत चल रहे उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके गर्ग को शुक्रवार को राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति डॉ. केके पाल ने कार्यमुक्त कर दिया। हालांकि उनके खिलाफ जिन आरोपों की जांच रिपोर्ट आई है, उस पर कार्रवाई को लेकर राजभवन परीक्षण करा रहा है। इस पर फैसला बाद में किया जाएगा। दूसरी ओर, अग्रिम आदेशों तक श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ही तकनीकी विवि के कुलपति की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तकनीकी विवि में 26 मार्च 2015 को प्रो. पीके गर्ग को बतौर कुलपति नियुक्ति दी गई थी। विवि की विभिन्न गतिविधियों व क्रियाकलापों को लेकर आई शिकायतों के आधार पर प्रो. पीके गर्ग के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया था, जिसकी जांच अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह को सौंपी गई थी। उन्होंने 16 मार्च को अपनी जांच रिपोर्ट राजभवन को सौंप दी, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। चूंकि प्रो. गर्ग का कार्यकाल 20 अप्रैल को पूर्ण हो रहा था, इसलिए शुक्रवार की दोपहर से उन्हें राजभवन ने कार्यमुक्त कर दिया। कुलाधिपति डॉ. केके पाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रो. पीके गर्ग के खिलाफ तकनीकी विवि की गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद जो भी अंतिम निर्णय होगा, उसके बारे में प्रो. गर्ग को अलग से सूचित किया जाएगा। प्रो. प्रदीप कुमार गर्ग को कार्यमुक्त होने के बाद तकनीकी विवि अधिनियम की धारा 9(5) के तहत श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ही अग्रिम आदेशों तक कुलपति पद पर बने रहेंगे। वह पहले से ही प्रो. गर्ग के कार्य से विरत होने के बाद से तकनीकी विवि की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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कई माह से कार्य से विरत चल रहे उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके गर्ग को शुक्रवार को राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति डॉ. केके पाल ने कार्यमुक्त कर दिया। हालांकि उनके खिलाफ जिन आरोपों की जांच रिपोर्ट आई है, उस पर कार्रवाई को लेकर राजभवन परीक्षण करा रहा है। इस पर फैसला बाद में किया जाएगा। दूसरी ओर, अग्रिम आदेशों तक श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ही तकनीकी विवि के कुलपति की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तकनीकी विवि में 26 मार्च 2015 को प्रो. पीके गर्ग को बतौर कुलपति नियुक्ति दी गई थी। विवि की विभिन्न गतिविधियों व क्रियाकलापों को लेकर आई शिकायतों के आधार पर प्रो. पीके गर्ग के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया था, जिसकी जांच अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह को सौंपी गई थी। उन्होंने 16 मार्च को अपनी जांच रिपोर्ट राजभवन को सौंप दी, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। चूंकि प्रो. गर्ग का कार्यकाल 20 अप्रैल को पूर्ण हो रहा था, इसलिए शुक्रवार की दोपहर से उन्हें राजभवन ने कार्यमुक्त कर दिया। कुलाधिपति डॉ. केके पाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रो. पीके गर्ग के खिलाफ तकनीकी विवि की गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद जो भी अंतिम निर्णय होगा, उसके बारे में प्रो. गर्ग को अलग से सूचित किया जाएगा। प्रो. प्रदीप कुमार गर्ग को कार्यमुक्त होने के बाद तकनीकी विवि अधिनियम की धारा 9(5) के तहत श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ही अग्रिम आदेशों तक कुलपति पद पर बने रहेंगे। वह पहले से ही प्रो. गर्ग के कार्य से विरत होने के बाद से तकनीकी विवि की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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