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स्कूल बताएं, बच्चे किस वाहन से आ रहे पढ़ने
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
जिलाधिकारी ने 23 जनवरी तक स्कूल संचालकों से स्कूल आने में बच्चों की ओर से प्रयोग किए जा रहे वाहनों का डाटा मांगा है। उन्होंने एसएसपी को स्कूलों में पार्किंग व्यवस्था देखने और परिवहन विभाग से स्कूली बसों के रूट तय करने के निर्देश दिए। साथ ही डीएम ने सड़क पर यातायात दबाव करने और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे हैं।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस और प्रशासन के साथ ही कई स्कूल संचालकों की बैठक ली। उन्होंने स्कूल संचालकों से कक्षा पांच से 12 तक कितने बच्चे हैं और वे किस वाहन से स्कूल आ रहे हैं, इसकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बसों की स्थिति की भी रिपोर्ट सात दिनों में उपलब्ध कराने को कहा है। डीएम ने कहा कि अगर स्कूलों के पास बसें नहीं हैं तो प्रशासन की ओर से व्यवस्था कराई जाएगी। बच्चे बसों से स्कूल जाएंगे तो हादसों पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों से बच्चों को दोपहिया वाहन नहीं देने की भी अपील की। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती को स्कूलों में पार्किंग की स्थिति देखने को कहा। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पार्किंग नहीं होने से बसों को सड़क पर पार्क किया जाता है। इससे भी यातायात प्रभावित होता है। उन्होंने आरटीओ सुधांशु गर्ग को स्कूली बसों का रूट एक सप्ताह में निर्धारित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक , यातायात लोकेश्वर सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ.एसबी जोशी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने 23 जनवरी तक स्कूल संचालकों से स्कूल आने में बच्चों की ओर से प्रयोग किए जा रहे वाहनों का डाटा मांगा है। उन्होंने एसएसपी को स्कूलों में पार्किंग व्यवस्था देखने और परिवहन विभाग से स्कूली बसों के रूट तय करने के निर्देश दिए। साथ ही डीएम ने सड़क पर यातायात दबाव करने और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे हैं।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस और प्रशासन के साथ ही कई स्कूल संचालकों की बैठक ली। उन्होंने स्कूल संचालकों से कक्षा पांच से 12 तक कितने बच्चे हैं और वे किस वाहन से स्कूल आ रहे हैं, इसकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बसों की स्थिति की भी रिपोर्ट सात दिनों में उपलब्ध कराने को कहा है। डीएम ने कहा कि अगर स्कूलों के पास बसें नहीं हैं तो प्रशासन की ओर से व्यवस्था कराई जाएगी। बच्चे बसों से स्कूल जाएंगे तो हादसों पर अंकुश लगेगा।
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उन्होंने कहा कि अभिभावकों से बच्चों को दोपहिया वाहन नहीं देने की भी अपील की। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती को स्कूलों में पार्किंग की स्थिति देखने को कहा। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पार्किंग नहीं होने से बसों को सड़क पर पार्क किया जाता है। इससे भी यातायात प्रभावित होता है। उन्होंने आरटीओ सुधांशु गर्ग को स्कूली बसों का रूट एक सप्ताह में निर्धारित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक , यातायात लोकेश्वर सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ.एसबी जोशी मौजूद रहे।
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