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35 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
Dehradun
Updated Tue, 20 Aug 2013 05:34 AM IST
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ऋषिकेश। श्रावण मास के अंतिम सोमवार 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन किए और जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। उधर, सोमवार को तीर्थनगरी के शिवालयों में भी दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
चांद्रमास के अनुसार श्रावण मास के अंतिम सोमवार को पौराणिक नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की आमद बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी में गंगा में डुबकी लगाने के बाद प्राचीन नीलकंठ धाम की यात्रा शुरू की। इस अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद तक जारी रहा। मेला कंट्रोलरूम के नोडल अधिकारी रामचरण के अनुसार सोमवार को सांध्यकालीन आरती तक 34 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर के दर्शन और जलार्पण कर चुके थे।
उधर, सोमवार को तीर्थनगरी के शिवालयों में भी शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान प्राचीन वीरभद्र मंदिर, श्रीचंद्रेश्वर महादेव मंदिर, श्रीसोमेश्वर महादेव मंदिर, मुनिकीरेती स्थित अभिनव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गाश्रम स्थित श्रीरामेश्वर मंदिर आदि शिवालयों में सुबह से दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं की आमद बनी रही।
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आपदा भी नहीं डिगा पाई शिवभक्तों की आस्था
ऋषिकेश। पहाड़ों में आई आपदा में भारी जनधन हानि के बावजूद आपदा का भय शिवभक्तों की आस्था को नहीं डिगा सका। हालांकि इस साल श्रावण यात्रा में बीते वर्षों के मुकाबले श्रद्धालुओं की आमद कम रही, इसके बावजूद साढ़े छह लाख से अधिक शिवभक्त प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे। बीते जून माह में आई आपदा के चलते इस साल श्रावण यात्रा में बीते सालों के मुकाबले काफी कम श्रद्धालु पहुंचे। पौड़ी जिला प्रशासन और लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई से 19 अगस्त तक साढ़े छह लाख श्रद्धालुओं ने नीलकंठ के दर्शन किए।
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चांद्रमास के अनुसार श्रावण मास के अंतिम सोमवार को पौराणिक नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की आमद बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी में गंगा में डुबकी लगाने के बाद प्राचीन नीलकंठ धाम की यात्रा शुरू की। इस अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद तक जारी रहा। मेला कंट्रोलरूम के नोडल अधिकारी रामचरण के अनुसार सोमवार को सांध्यकालीन आरती तक 34 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर के दर्शन और जलार्पण कर चुके थे।
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उधर, सोमवार को तीर्थनगरी के शिवालयों में भी शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान प्राचीन वीरभद्र मंदिर, श्रीचंद्रेश्वर महादेव मंदिर, श्रीसोमेश्वर महादेव मंदिर, मुनिकीरेती स्थित अभिनव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गाश्रम स्थित श्रीरामेश्वर मंदिर आदि शिवालयों में सुबह से दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं की आमद बनी रही।
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आपदा भी नहीं डिगा पाई शिवभक्तों की आस्था
ऋषिकेश। पहाड़ों में आई आपदा में भारी जनधन हानि के बावजूद आपदा का भय शिवभक्तों की आस्था को नहीं डिगा सका। हालांकि इस साल श्रावण यात्रा में बीते वर्षों के मुकाबले श्रद्धालुओं की आमद कम रही, इसके बावजूद साढ़े छह लाख से अधिक शिवभक्त प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे। बीते जून माह में आई आपदा के चलते इस साल श्रावण यात्रा में बीते सालों के मुकाबले काफी कम श्रद्धालु पहुंचे। पौड़ी जिला प्रशासन और लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई से 19 अगस्त तक साढ़े छह लाख श्रद्धालुओं ने नीलकंठ के दर्शन किए।